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#Mothers Day: अब मिला मां के कलेजे को चैन, 5 साल बाद हो सका शहीद बेटे की प्रतिमा का अनावरण

Patrika news network Posted: 2017-05-13 16:03:03 IST Updated: 2017-05-13 20:03:53 IST
#Mothers Day: अब मिला मां के कलेजे को चैन, 5 साल बाद हो सका शहीद बेटे की प्रतिमा का अनावरण
  • शहादत का ये कैसा सम्मान। 13 मई 2012 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों से रातभर जूझते हुए जयसिंहपुरा के प्रकाशचंद मीणा शहीद हुए थे। लेकिन किसी जनप्रतिनिधि के पास प्रतिमा के अनावरण कराने का भी समय नहीं था। अब हुआ है....

जयपुर.

गरीबी के बावजूद कर्ज लेकर सपूत को काबिल बनाकर भारत माता की सेवा के लिए भेजा, वो तो अपना फर्ज निभाते हुए शहीद हो गया, लेकिन यहां के जनप्रतिनिधि उसकी प्रतिमा का अनावरण 5 साल पहले हुई घोषणा के बाद अब हो सका है।


शहादत के कई साल बाद तक सियासी लोग उसके लिए महज 10-20 मिनट का समय भी नहीं निकाल पाए। यह कहते हुए शहीद प्रकाश की मां भगवती देवी की आंखों से आंसू निकल पड़ते। शनिवार को इतने वर्षों बाद शहीद की प्रतिमा का अनावरण हुआ...


13 मई को शहीद हुए थे जयसिंहपुरा के प्रकाशचंद

13 मई 2012 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों से रातभर जूझते हुए जयसिंहपुरा के प्रकाशचंद मीणा शहीद हो गए। इस बेरुखी से आहत शहीद के परिवार ने तय किया कि 13 मई तक अगर किसी ने समय नहीं निकाला तो ग्रामीण ही प्रतिमा का अनावरण कर देंगे। बात 2015 की है जब भगवती देवी ने रुंधे हुए स्वर में पत्रिका रिपोर्टर को बताया था कि स्वयं के खर्चे पर जमीन लेकर प्रतिमा बनवाई और उद्घाटन के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से समय भी मांगा।


मुख्यमंत्रियों के पास लगाई गुहार, लेकिन नहीं सुनी गई

लेकिन उनके समय देने के कुछ समय बाद ही आचार संहिता लगने से अनावरण का कार्यक्रम स्थगित हो गया। उसके बाद  नई सरकार के सांसद रामचरण बोहरा, राजवर्धन सिंह, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा स्थानीय विधायक तक गुहार लगाई, लेकिन तब नहीं सुनी गई। कुछ समय पहले खंडित होने पर प्रतिमा दुबारा बनाई और कपड़े से लपेटकर ढका गया, लेकिन कपड़ा फिर फट गया। आखिर शहादत का यह कैसा सम्मान था?


परिवार पर लाखों रुपए का कर्जा

शहीद प्रकाश के दादा गुल्लाराम मीणा ने बताया कि प्रकाश 22 साल की उम्र में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। ढाई साल की नौकरी के बाद उसकी सगाई की बात चल रही थी कि 13 मई 2012 में छत्तीसगढ़ के पास नक्सलियों से लड़ाई करते हुई सीने में 7-8 गोली लगने वह शहीद हो गया। जिस दिन प्रकाश सीआईएसएफ में सिपाही बना था तो सीना गर्व से चौड़ा हो गया था। लेकिन आज प्रतिमा की हालत को देख ऐसा लग रहा है कि मेरे  पोते ने ऐसा क्या गुनाह किया था, जो उसकी प्रतिमा का अनावरण अब हो सका है। जब भी खेत पास से गुजरता हूं तो उसकी प्रतिमा के देखकर मन व्यथित हो जाता है।


राज्यवर्धन राठौड ने कराया प्रतिमा का अनावरण

शनिवार को मोदी सरकार के सांसद राज्यवर्धन राठौड ने जयपुर के इस गांव में शहीद की प्रतिमा का अनावरण कराया।

rajasthanpatrika.com

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