'चुनाव जीतने के लिए शराब की बोतल- चांदी के सिक्कों पर टिकी है वोट की कीमत': कैलाश मेघवाल

Patrika news network Posted: 2017-04-13 07:16:59 IST Updated: 2017-04-13 07:16:59 IST
'चुनाव जीतने के लिए शराब की बोतल- चांदी के सिक्कों पर टिकी है वोट की कीमत': कैलाश मेघवाल
  • मेघवाल ने कहा कि आज राजनेता शराब की बोतल और चांदी के सिक्कों पर वोट की कीमत आंकता है और चुनाव जीत भी जाता है।

जयपुर।

विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि पूना पेक्ट के तहत पिछड़ों को अलग निर्वाचन अधिकार मिलना था, लेकिन गांधीजी के अनशन के कारण डॉ. भीमराव अंबेडकर को मांग से पीछे हटना पड़ा। 


उन्होंने राजनीति के मौजूदा हालात को लेकर कहा कि देश की आजादी दिलाने में छह लाख से ज्यादा लोगों ने बलिदान दिया, लेकिन आज राजनेता शराब की बोतल और चांदी के सिक्कों पर वोट की कीमत आंकता है और चुनाव जीत भी जाता है।


मेघवाल बुधवार को हाईकोर्ट न्यायाधीश महेश चन्द्र शर्मा की मौजूदगी में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 


उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों पर चुनावी घोषणा पत्र लागू करने की बाध्यता होनी चाहिए, ऐसा नहीं होने तक आम जनता के साथ धोखाधड़ी होती रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में वैचारिक स्वतंत्रता समाप्त हो रही है। 


आजादी के सत्तर साल बाद भी देश को सामाजिक, आर्थिक और न राजनीतिक न्याय मिल पाया है। लोकतांत्रिक देशों में सबसे ज्यादा अन्याय हमारे देश के साथ ही हुआ है। 


मेघवाल ने कहा कि पार्टियों के नेताओं ने एससी, एसटी को वोट बैंक बनाकर रख दिया है। हालांकि इनके वोट के बिना ही अब एससी, एसटी वर्ग के प्रतिनिधि विधायक और सांसद चुने जा रहे हैं। 

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