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बेटियों के सुनहरे भविष्य के लिए पाएं एक सुनहरा मौका राजस्थान पत्रिका के 'बिटिया वर्क' अभियान से जुड़ें !

Patrika news network Posted: 2017-03-18 09:53:07 IST Updated: 2017-03-18 09:53:07 IST
बेटियों के सुनहरे भविष्य के लिए पाएं एक सुनहरा मौका राजस्थान पत्रिका के 'बिटिया वर्क' अभियान से जुड़ें !
  • राजस्थान पत्रिका के 'बिटिया वर्क' अभियान 20 मार्च को नया इतिहास बनाने जा रहा है, जहां बेटियां अपने पिता के ऑफिस या कार्यस्थल जाकर उनकी कार्यक्षमता से रू-ब-रू हो सकेंगी।

जयपुर

राजस्थान पत्रिका के 'बिटिया  वर्क' अभियान 20 मार्च को नया इतिहास बनाने जा रहा है, जहां बेटियां अपने पिता के ऑफिस या कार्यस्थल जाकर उनकी कार्यक्षमता से रू-ब-रू हो सकेंगी। 





अभियान के तहत हर खास और आम व्यक्ति अपनी बिटिया को कार्यस्थल पर लाएगा और बेटे-बेटी के अंतर को कम करने का संदेश देगा। यह बेटियों के लिए भी खास होगा, जब वे अपने पिता की मेहनत और लगन को जान सकेंगी। 



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पत्रिका के 'बिटिया वर्क' अभियान से जुड़कर अपने और बिटिया के लिए यादगार बनाएं। खेत हो या खलिहान, दुकान हो या ऑफिस, अफसर हो या मजदूर हर कोई अपनी बेटियों को कार्यस्थल ले जाकर इस अभियान को खास बना सकता है। 





यह अभियान जहां महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने से प्रेरित है, वहीं बेटा-बेटी में अंतर करने वालों को एक मजबूत संदेश भी देने वाला है। 

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फोटो करें हमसे साझा  

आपकी बेटी को कार्यस्थल पर लाएं और फोटो को हमे ई-मेल पर भेजें। राजस्थान पत्रिका के नजदीकी कार्यालय में जाकर भी इन फोटो को हमसे साझा कर सकते है। फोटो सहित और अनुभव भी प्रकाशित  करेंगे। 

ई-मेल : daughter .[email protected]  



इस अभियान के सन्दर्भ में जाने क्या है लड़कियों का कहना 

अभियान पूरे देश के लिए अहम

मेरे पिता भी आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें देश के लिए काम करता देख मैंने भी इस फील्ड को ही चुना। पत्रिका का अभियान देश को एक सकारात्मक संदेश देने वाला है, इसलिए सभी लोग अपनी बेटियों को साथ में ऑफिस लेकर जाएं। 

फरहा हुसैन, आईआरएस 


पत्रिका का अभियान सराहनीय है, जिससे पूरे देश में एक संदेश जाता है कि बेटे ही नहीं बेटियां भी पिता के काम में हाथ बंटा सकती हैं। मैं और मेरी बहन की भी कोशिश होती है कि पिता के सपनों को पूरा कर सकें। इस पहल को साकार करना होगा। 

सुरभि मिश्रा, अन्तरराष्ट्रीय स्क्वॉश खिलाड़ी 


पत्रिका के अभियान की जितनी सराहना की जाए कम है। बेटियों को आगे लाने के लिए हर कदम पर पिता का साथ होना जरूरी है। लोगों को इस अभियान से जुड़कर अपने कार्यस्थल पर बेटी को ले जाना चाहिए और अपनी कुर्सी पर बैठाकर उसे आगे बढऩे के लिए प्रेरित करना चाहिए। 

नीलू वाघेला, अभिनेत्री





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