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video:निजी स्कूलों पर लगाम, अब स्कूलों ने किताबें आैर पोशाक बेचीं तो मान्यता होगी रद्द!

Patrika news network Posted: 2017-04-18 07:42:01 IST Updated: 2017-04-18 11:05:51 IST
  • निजी स्कूलों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को राज्य सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।

जयपुर।

निजी स्कूलों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार को राज्य सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। निजी स्कूलों के लिए जारी इन निर्देशों की पालना नहीं होने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द हो सकती है। 



पुस्तकों के अलावा निजी विद्यालयों द्वारा निर्धारित पोशाक व अन्य सामग्री भी अभिभावक खुले बाजार से क्रय करने को स्वतंत्र होंगे। किसी भी शिक्षण सामग्री पर विद्यालय नाम अंकित नहीं कर सकेंगे। किसी दुकान से सामग्री खरीदने का दबाव नहीं बना सकते हैं। वे विद्यालय परिसर में सामग्री नहीं बेच सकते हैं। 




शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया कि निजी विद्यालय एनसीआरटी या राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल/ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पाठयक्रम के अनुसार प्रकाशित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रकाशित पाठ्य पुस्तकों में से चयन कर सकेंगे। अनिवार्य होगा कि वे शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के कम से कम एक माह पूर्व पुस्तकों की सूची, लेखक एवं प्रकाशक के नाम मूल्य के साथ विद्यालय के सूचना पट्ट एवं वेबसाइट पर प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा, निजी विद्यालयों को मांगे जाने पर सूचना देनी होगी। 


3 दुकानों पर हो किताब 

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि निजी विद्यालय यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थियों के लिए अनुशंसित की जाने वाली पाठ्य पुस्तकें, पोशाक एवं  सामग्री न्यूनतम 3 स्थानीय विक्रेताआें के पास उपलब्ध हो। निर्धारित पोशाक भी पांच साल तक नहीं बदली जा सकेगी। उन्होंने बताया कि निर्देशों की पालना नहीं करने वाले संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। 

rajasthanpatrika.com

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