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राजस्थान में पानी का कनेक्शन लेना हुआ महंगा, सरकार ने 13 महीने में पलटा अपना ही फैसला

Patrika news network Posted: 2017-07-14 15:20:48 IST Updated: 2017-07-14 15:20:48 IST
राजस्थान में पानी का कनेक्शन लेना हुआ महंगा, सरकार ने 13 महीने में पलटा अपना ही फैसला
  • जलदाय विभाग ने बीते साल विधानसभा में घोषणा कर पानी कनेक्शन आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले स्टांप पेपर पर रोक लगाई थी, वहीं अब खाली होते विभाग के खजाने को देखते हुए राज्य सरकार ने अपना फैसला 13 महीने में ही पलट दिया है।

जयपुर

जलदाय विभाग ने एक बार फिर से नए पेयजल उपभोक्ताओं की जेब काटने की तैयारी कर ​ली है। विभाग की पूर्व मंत्री ने जहां बीते साल विधानसभा में घोषणा कर पानी कनेक्शन आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले स्टांप पेपर पर रोक लगाई थी, वहीं अब खाली होते विभाग के खजाने को देखते हुए राज्य सरकार ने अपना फैसला 13 महीने में ही पलट दिया है। बुधवार शाम मुख्य अभियंता मुख्यालय ने आदेश जारी कर फिर से नए आवेदनों में सहमति पत्र व करार पत्र के रूप में स्टांप पेपर संलग्न करने की अनिवार्यता लागू कर ​दी है।


विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में सालाना जारी होने वाले नए पानी कनेक्शनों के पेटे राज्य सरकार को करीब बीस करोड़ रुपए से ज्यादा की आय होती है। आवेदन फार्म के साथ सहमति पत्र और करार पत्र के रूप में आवेदक को पहले कुल 110 रुपए कीमत के स्टांप संलग्न करने होते थे। बीते वित्तीय वर्ष में जब राज्य सरकार ने स्टांप ड्यूटी पांच गुना बढ़ाई तो इसका भार नए पानी कनेक्शन लेने वालों पर पड़ा। उन्हें 110 रुपए शुल्क बढ़कर 550 रुपए देने पड़ रहे थे। लेकिन तत्कालीन जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी ने इस पर रोक लगा दी। वहीं अब नए कनेक्शनों में फिर से आवेदन पत्र के साथ 550 रुपए कीमत के स्टांप पेपर पर करार पत्र और 50 रुपए के स्टांप पर सहमति पत्र संलग्न करने की अनिवार्यता लागू कर दी गई है।


उलझते दिखे उपभोक्ता

गुरुवार को सिटी सर्कल उपखंड कार्यालय पहुंचे आवेदकों को आवेदन पत्र के साथ स्टांप पेपर लगाने का हवाला देकर लौटा दिया गया।


भले ही मुख्य ​अभियंता मुख्यालय ने आदेश जारी किया है लेकिन आमजनता तक कोई सार्वजनिक सूचना विभाग ने जारी नहीं की जिसके चलते गुरुवार को पानी कनेक्शन लेने वाले आवेदक विभाग के अधिकारी कर्मचारियों से उलझते नजर आए।


कई उपखंडों में पहले से ही चल रही है वसूली

वहीं जयपुर सिटी सर्कल के साथ जिला वृत्त के कुछ उपखंडों में बीते साल अप्रैल से ही स्टांप शुल्क वसूली का खुला खेल चलता रहा है। सिटी सर्कल में दुर्गापुरा उपखंड व बस्सी उपखंड कार्यालयों में भी उपभोक्ताओं से बढ़ी हुई स्टांप शुल्क वसूली की जा रही थी।


राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार आवेदन पत्र में स्टांप शुल्क लेने के आदेश जारी किए हैं। बिना आदेश किस सब डिवीजन में स्टांप शुल्क की वसूली हुई है मुझे जानकारी नहीं है। अभी मैं सचिवालय जा रहा हूं। फाइल देख कर ही इस बारे में कुछ कह सकता हूं।

- आईडी खान, मुख्य अभियंता मुख्यालय

rajasthanpatrika.com

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