Breaking News
  • भरतपुर: नदबई के नगला कुरवारिया गांव में फूड प्वाइजनिंग से 12 लोग बीमार
  • हनुमानगढ़: भादरा के सरदारगढ़िया गांव में सार्वजनिक पेयजल डिग्गी में डूबने से 6 साल की बच्ची की मौत
  • सीकर: खाटूश्यामजी के पास हृदयघात से मंडा ग्राम पंचायत के सरपंच की मौत
  • बाड़मेर : बिजली चोरी के मामले में डिस्कॉम का तकनीकी सहायक निलंबित
  • भीलवाड़ा : विक्षिप्त महिला के साथ दुष्कर्म, पति ने कराया बागोर थाने में मुकदमा दर्ज
  • बाड़मेर : चौहटन क्षेत्र में बोलेरो कैम्पर की टक्कर से बालिका की मौत, चालक फरार
  • बाड़मेर : शादी से लौट रहे पति-पत्नी का रास्ता रोककर मारपीट, चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
  • उदयपुर : शराब-रियल एस्टेट कारोबारी की करोड़ों की अघोषित आय, आयकर विभाग की कार्रवाई जारी
  • सिरोही : कारोबारी पर आयकर कार्रवाई, नोटबंदी में अधिक राशि जमा कराने का मामला
  • मारवाड़ : प्रसिद्ध कागा मेले में उमड़ रहा सैलाब, गेर देखने के लिए लोगों में भारी उत्साह
  • अजमेर : फिल्म देखकर लौट रहे दंपती से लूट, कुंदन नगर चौराहे से पर्स छीन भागे बदमाश
  • कोटा : 1 अप्रेल से आंगनबाड़ी हो जाएंगी आंगनबाड़ी पाठशाला, समय में भी होगा बदलाव
  • हनुमानगढ़ : कार पेड़ से टकराई, तीन की मौत, रावतसर नोहर रोड पर हुआ हादसा
  • भरतपुर : हलैना में बाइक रैलिंग से टकराई, मौके पर ही दो की मौत
  • जयपुर- अजमेर रोड पर तेज रफ्तार पिकअप ने साइकिल सवार को कुचला
  • अलवर- जागुवास मोड़ पर पारले कंपनी की बस को डंपर ने मारी टक्कर, आधा दर्जन कर्मचारी घायल
  • सीकर- विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम सेवक आज करेंगे विधानसभा का घेराव
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

गुलदाउदी की बिक्री 'गुल'

Patrika news network Posted: 2016-12-01 18:17:02 IST Updated: 2016-12-01 18:17:02 IST
गुलदाउदी की बिक्री 'गुल'
  • गुलदाउदी। जयपुर शहर को जिसने दीवाना कर रखा है, वह नोटबंदी की मार नहीं झेल पाया। यह पहला मौका है जब लोग प्रदर्शनी में आकर सिर्फ गुलदाउदी के फूल को निहार रहे हैं, खरीद नहीं रहे। पांच सौ व हजार के पुराने नोट बंद कर देने व नए नोटों की किल्लत के चलते अधिकतर लोग पौधे खरीदने से बच रहे है।

जयपुर. गुलदाउदी। जयपुर शहर को जिसने दीवाना कर रखा है, वह नोटबंदी की मार नहीं झेल पाया। यह पहला मौका है जब लोग प्रदर्शनी में आकर सिर्फ गुलदाउदी के फूल को निहार रहे हैं, खरीद नहीं रहे। पांच सौ व हजार के पुराने नोट बंद कर देने व नए नोटों की किल्लत के चलते अधिकतर लोग पौधे खरीदने से बच रहे है। राजस्थान विवि में चल रही गुलदाउदी की प्रदर्शनी के तीसरे दिन गुरुवार को इसकी बिक्री फीकी रही है।

खर्चों पर लगाम लगाना शुरू कर दिया

नोटबंदी का असर जीवन के हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। पिछले 22 दिन में परेशान हो चुके लोगों ने अपने खर्चों पर लगाम लगाना शुरू कर दिया है। खासकर उन खर्चोंं पर जो शौक और पसंद से जुड़े हैं। एेसी ही एक हॉबी है बागवानी। जयपुर में बागवानी के शौकीन लोगों के लिए राजस्थान विवि में हर साल लगने वाली गुलदाउदी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र होती है। हर साल की तरह इस साल भी दो दिन तक प्रदर्शनी लगने के बाद गुरुवार को तीसरे दिन विवि की नर्सरी से गुलदाउदी की बिक्री शुरू की गई। बिक्री शुरू होते ही एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई।

जहां खरीदते थे 10 गमले वहां खरीद रहे दो या तीन

आमतौर पर जहां हर साल बिक्री शुरू होते ही पहले तीन घंटे में ही पूरे के पूरे गुलदाउदी बिक जाते हैं वहीं इस साल एेसा गुरुवार को शुरू हुई प्रदर्शनी में दोपहर 12 बजे तक तो मात्र 35 प्रतिशत गमलों की बिक्री हुई। नर्सरी में लोग तो पहुंच रहे थे लेकिन वे पिछली साल की तुलना में कम गमले खरीद रहे थे। जो लोग हर साल 10-10 गमले खरीदते थे वे इस बार मात्र 1 या 2 गमले खरीद कर गए। लोगों का कहना था कि नगदी की समस्या के कारण एेसा कर रहे हैं। एेसे में एक ही दिन चलने वाली बिक्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

पौधे बच गए तो आगे भी बिक्री की जाएगी

इस बार पिछले सालों की तुलना में कम पौधे बिक रहे हैं। इसकी मुख्य वजह तो नहीं पता है। यह जरूर है कि जो लोग पिछले सालों तक पांच से दस गमले खरीदते थे वे इस बार मात्र एक या दो ही खरीद रहे हैं। पौधे बच गए तो आगे भी बिक्री की जाएगी।

- डॉ. रामअवतार शर्मा, नर्सरी प्रभारी

rajasthanpatrika.com

Bollywood