ISRO फिर लगाएगा अतंरिक्ष में छलांग, PAK को छोड़ इन देशों को सैटेलाइट से मिलेगा फायदा

Patrika news network Posted: 2017-04-15 12:44:13 IST Updated: 2017-04-15 12:44:13 IST
ISRO फिर लगाएगा अतंरिक्ष में छलांग, PAK को छोड़ इन देशों को सैटेलाइट से मिलेगा फायदा
  • यह उपग्रह अपने मिशन के दौरान दक्षिण एशिया के देशों को अपने साथ जोड़ने के अलावा आपात के समय सभी सदस्य देशों को संचार सुविधा के जरिए मदद देने में सहायता करेगा।

नई दिल्ली।

भारत जल्द ही दक्षिण एशिया के देशों को सैटेलाइट देने की तैयारी में है। इसी को ध्यान में रखते हुए इसरो 5 मई को दक्षिण एशिया के लिए सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना पर काम कर रहा है। जो कि पातिस्तान को छोड़कर दक्षिण एशिया के बाकी देशों को फायदा पहुंचाने में मददगार साबित होगा। 



तो वहीं इस सैटेलाइट के लॉन्च के बारे में बताते हुए इसरो के अध्यक्ष किरण कुमार ने कहा कि पाकिस्तान इस प्रोजेक्ट में शामिल नहीं है। तो वहीं सूत्रों के मुताबिक इस सैटेलाइट को  GSLV-09 रॉकेट के जरिए श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया जाएगा। 



साथ ही कहा कि लॉन्च के समय जीसैट-9 सैटेलाइट अपने साथ 12 केयू-बैंड के ट्रांसपॉंडरों को लेकर उड़ान भरेगा। जिसका कुल द्रव्यमान 2,195 किलोग्राम होगा। तो वहीं इस सैटेलाइट को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह अपने मिशन पर 12 से अधिक समय तक सक्रिय रह सकेगा। 



सूत्रों के मुताबिक इस सैटेलाइट का नाम पहले सार्क सैटेलाइट रखा गया था। लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर दक्षिण एशिया उपग्रह रखा गया। साथ ही पाकिस्तान ने इसमें शामिल होने की कोई इच्छा नहीं जताई, जिसके कारण वह इस अभियान का हिस्सा नहीं है। 



तो वहीं यह उपग्रह अपने मिशन के दौरान दक्षिण एशिया के देशों को अपने साथ जोड़ने के अलावा आपात के समय सभी सदस्य देशों को संचार सुविधा के जरिए मदद देने में सहायता करेगा। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने साल 2014 में दक्षेस शिखर वार्ता के दौरान इस सैटेलाइट की घोषणा करते हुए इसे दक्षिण एशिया के मुल्कों को दिया जाने वाला तौहफा कहा था।

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