Breaking News
  • चित्‍तौड़गढ़ : निम्बाहेडा में अवैध रुप से गोवंश ले जाते दाे ट्रक जब्‍त, एक ग‍िरफ्तार एक फरार
  • प्रतापगढ़:पानी और सफाई की मांग पर महिलाओं का गुस्सा फूटा, मिनिसचिवालय पर प्रदर्शन किया
  • चूरू: एसबीबीजे बैंक में अज्ञात ने बैग में चीरा लगाकर निकाले 50 हजार रुपए
  • जोधपुर:भोपालगढ़ की अरटिया कलां सरपंच के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज, सार्वजनिक चौक की जमीन की खुर्द बुर्द
  • अलवर: लूटपाट और दर्जनों ATM काटने में आरोपी को किया हथियार सहित गिरफ्तार
  • जयपुर:डोटासरा ने की विधायक मेघवाल, आनंदपाल और अन्य प्रकरणों की जांच सदन में रखने की मांग
  • जयपुर :अवैध सब्जी मंडी हटाने को लेकर वैशाली मार्ग पश्चिम व्यापार मंडल का प्रदर्शन
  • जयपुर: शाहपुरा में एम्बुलेंस और हरियाणा रोडवेज़ बस में भिड़ंत,आधा दर्जन लोग घायल
  • हनुमानगढ़: दहेज हत्या में पति और सास-ससुर को दस साल की सजा, गांव सलेमगढ़ मसानी का मामला
  • करौली: पांचना बांध में डूबने से दो जनों की मौत
  • पाली:जैतारण के गरनिया में वृद्धा के गले से सोने की कंटी लूटी
  • भीलवाड़ा: नाबाल‍िग से छेड़छाड़ के मामले मेें समुदाय व‍िशेष का युवक ग‍िरफ्तार
  • सवाईमाधोपुर: बाल कल्याण समिति से भागे बालक-बालिका
  • जोधपुर : टेकरा में डिस्कॉम के तकनीकी सहायक के साथ मारपीट, चिकित्सालय में भर्ती
  • जयपुर : योगा और प्राकृतिक चिकित्साधिकारी की होगी सीधी भर्ती, कार्मिक विभाग ने जारी की अधिसूचना
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

सुप्रीम कोर्ट का एेतिहासिक फैसला, जाति आैर धर्म के आधार पर वोट मांगने को ठहराया गैर कानूनी

Patrika news network Posted: 2017-01-02 11:30:00 IST Updated: 2017-01-02 11:59:06 IST
सुप्रीम कोर्ट का एेतिहासिक फैसला, जाति आैर धर्म के आधार पर वोट मांगने को ठहराया गैर कानूनी
  • सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक एेतिहासिक फैसले में जाति आैर धर्म के नाम पर वोट मांगने को गैर कानूनी ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संवैधानिक पीठ ने ये फैसला लिया।

नर्इ दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक एेतिहासिक फैसले में जाति आैर धर्म के नाम पर वोट मांगने को गैर कानूनी ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संवैधानिक पीठ ने ये फैसला किया। ये फैसला तीन के मुकाबले चार मतों के बहुमत के आधार पर किया गया। 



इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भाषा आैर समुदाय के आधार पर वोट मांगने पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि चुनाव एक धर्म निरपेक्ष प्रक्रिया है। इसीलिए चुने गए उम्मीदवारों के कार्यकलाप भी धर्म निरपेक्ष होने चाहिए। 



सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष है। हमें उसकी इस प्रकृति को बनाए रखना चाहिए। उम्मीदवार या एजेंट धर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकता है। 



सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोर्इ उम्मीदवार एेसा करता है तो वह जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत भ्रष्ट आचरण माना जाएगा। कोर्ट ने ये फैसला हिंदुत्व मामले में कर्इ याचिकाआें पर सुनवार्इ करते हुए सुनाया।



इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनुष्य आैर भगवान के बीच का रिश्ता व्यक्तिगत मामला है। सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। 



सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला एेसे वक्त में आया है जब अगले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश आैर पंजाब जैसे राज्याें में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। 

rajasthanpatrika.com

Bollywood