नसीमुद्दीन सिद्दीकी का बड़ा खुलासा, बोले- मायावती ने मुझसे कहा, मुसलमान गद्दार हैं

Patrika news network Posted: 2017-05-11 17:57:24 IST Updated: 2017-05-11 18:34:39 IST
नसीमुद्दीन सिद्दीकी का बड़ा खुलासा, बोले- मायावती ने मुझसे कहा, मुसलमान गद्दार हैं
  • बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निकाले गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नसीमुद्दीन ने मायावती पर बड़ा हमला बोलते हुए ऑडियो टेप भी सुनाए।

लखनऊ।

 बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निकाले गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नसीमुद्दीन ने मायावती पर बड़ा हमला बोलते हुए ऑडियो टेप भी सुनाए। सिद्दीकी ने कहा कि मायावती ने चुनाव परिणामों के बाद मुझे दिल्ली बुलाया और पूछा कि मुसलमानों ने बसपा को वोट क्यों नहीं दिया? मैंने कहा कि बहनजी ऐसा कुछ नहीं है, मुसलमानों ने बसपा को भी वोट दिया। 


मुसलमान कन्फ्यूज

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि जब तक कांग्रेस सौर सपा में गठबंधन नहीं हुआ था। मुलसलमान हमारे साथ था, लेकिन जैसे गठबंधन हुआ तो मुसलमान कन्फ्यूज हो गया और वोट बंट गया। ऐसा नहीं है कि हमें मुसलमानों को वोट नहीं मिला, लेकिन हां समर्थन कम मिला है। इस पर मायावती ने कहा कि मैं आपकी बात से राजी नहीं हूं।


'गद्दार हैं मुसलमान'

बसपा के पूर्व ने कहा कि मायावती मुसलमानों को उल्टा-सीधा बोलने लगीं और कहा कि मुसलमान गद्दार है। मायावती ने कहा कि दाढ़ी वाले कुत्ते मेरे पास आया करते थे। उन्होंने कहा कि जब मैंने विरोध जताया तो उन्होंने आवाज नीची कर ली और कहा कि पिछड़ी और अगड़ी जाति के लोगों ने भी हमें वोट नहीं दिया। मैंने कहा कि किसी ने हमें वोट नहीं दिया तो इस पर हम क्या कर सकते हैं। इसके बाद वह पिछड़ी जाति के लोगों को भी भला-बुरा कहने लगीं।


'पार्टी को 50 करोड़ रुपए की जरुरत है'

नसीमुद्दीन ने कहा कि मायावती ने एक दिन मुझे बुलाया और कि पार्टी के पास पैसे नहीं है और 50 करोड़ रुपए की जरुरत है। मैंने कहा कि मेरे पास इनता पैसा पैसा कहा है तो उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी बेच दो। मैंने कहा कि आपको नकद चाहिए इतना पैसा नोटबंदी के बाद कैश में नहीं मिलेगा। 


नसीमुद्दीन ने कहा कि 1996 के चुनाव के दौरान मेरी इकलौती बेटी बीमार थी, मेरी पत्नी बार-बार मुझे फोन करके घर आने के लिए कह रही थीं। मगर मायावती के दबाव और पार्टी के कामकाज के लिए ऐसे मौके पर मैं नहीं गया और मेरी बेटी मर गई। 


मायावती के दबाव के चलते मैं मरने के बाद भी बेटी को करने भी नहीं पहुंच पाया। नसीमुद्दीन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने पार्टी विरोधी काम नहीं किया, बावजूद इसके मुझे निकाला गया।यही नहीं, मायावती ने अंतिम संस्कार में भी नहीं जाने दिया। इस तरह मैं अपनी बेटी का मरा मुंह भी नहीं देख सका। ये तो मेरी लाखों कुर्बानियों की एक बानगी है।


बसपा के पूर्व महासचिव ने दावा किया कि मायावती के कई गिरोह हैं। उनसे ज्यादा मायावती को कोई नहीं जानता। आनंद कुमार से ज्यादा वह मायावती को जानते हैं। दंगा करना उनका बायें हाथ का खेल है। उन्होंने सतीश मिश्रा को ललकारते हु, कहा कि मिश्रा जी कहते हैं कि मेरे अवैध बूचडख़ाने चल रहे हैं। कोई एक बता दो। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 के चुनाव में मैंने कुछ लोगों से रुपए ले लिए कि हमारी सरकार बनने वाली है। मैं सरकार बनने के बाद उनके काम करूंगा। किसी एक उद्योगपति का नाम सामने लाओ।  

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