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असम में बाढ़ का कहर: 44 की मौत तो लाखों हुए बेघर- रिजिजू ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा

Patrika news network Posted: 2017-07-13 19:50:34 IST Updated: 2017-07-13 19:53:40 IST
असम में बाढ़ का कहर: 44 की मौत तो लाखों हुए बेघर- रिजिजू ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
  • सूत्रों के मुताबिक, असम में स्थित काजीरंगा नैशनल पार्क पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। यहां जलभराव के कारण नेशनल पार्क में रहने वाले यूनीहॉर्न राइनों (गेंडा) की जिंदगी पर खतरा मंडराने लगा है।

नई दिल्ली।

एक ओर देश की राजधानी दिल्ली मानसून की बारिश का इंतजार कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है और इसकी चपेट में 24 जिलों के 17 लाख लोग आ गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि अब तक बाढ़ में 44 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसके बाद यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान को तेज कर दिया गया है। 



तो वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने दौरा किया। उन्होंने हवाई जहाह के जरिए राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा भी लिया। साथ ही बचाव अभियान के द्वारा चलाए जा रहे अभियान का निरिक्षण किया। उधर सूत्रों के मुताबिक, असम में स्थित काजीरंगा नैशनल पार्क पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। यहां जलभराव के कारण नेशनल पार्क में रहने वाले यूनीहॉर्न राइनों (गेंडा) की जिंदगी पर खतरा मंडराने लगा है। 



इससे पहले बुधवार को असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त माजुली जिले का दौरा किया और राहत शिविरों का जायजा लिया। असम में भीषण बाढ़ के चलते 1,760 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अंतिम 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई है। 



एएसडीएमए ने बताया कि बुधवार तक 17,18,135 लोग बाढ़ की जद में आ गए हैं। असम में 31,000 लोगों के लिए 294 राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अब तक 2,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है। 



असम के सीएम सोनोवाल ने काजीरंगा अभयारण्य का भी दौरा किया और अधिकारियों को पशुओं पर नजर रखने का निर्देश दिया। जिससे कि वे शिकारियों का निशाना न बनें। उन्होंने कहा कि नगांव, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग, सोनितपुर और बिस्वनाथ जिलों का प्रशासन बाढ़ के हालात के बारे में रोज वन मंत्री को रिपोर्ट करेगा और पशुओं की सुरक्षा के उपाय करेगा।

rajasthanpatrika.com

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