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अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 18 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

Patrika news network Posted: 2017-07-18 09:04:22 IST Updated: 2017-07-18 09:04:38 IST
अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 18 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें
  • भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें।

आनंदपाल एनकाउंटरः खुलकर समाज के साथ आए भाजपा नेता नरपतसिंह राजवी

जयपुर। भाजपा के वरिष्ठ विधायक नरपत सिंह राजवी खुलकर समाज के साथ खड़े हो गए हैं। पार्टी के राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर उन्होंने अपनी ही सरकार की शिकायत की है। पत्र में राजवी ने कहा है कि भाजपा की सरकार में राजपूत समाज खुद को असुरक्षित आैर ठगा सा महसूस कर रहा है। यह वही राजपूत समाज है जिसका 90 फीसदी वोट भाजपा को जाता है।


राजवी ने कहा कि आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआर्इ जांच कराने की मांग काे लेकर श्रद्घांजलि सभा की गर्इ थी। इसमें पुलिस आैर प्रदर्शनकारियों में झड़प हुर्इ, तब से पुलिस आैर  राजपूत समाज के साथ अत्यंत निंदनीय बर्ताव कर रही है। प्रदेश भर में राजपूत युवाआें को थाने बुलाकर भयभीत किया जा रहा है। राजपूत युवाआें से एेसा व्यवहार किया जा रहा है कि उनमें आैर उनके परिवारों में भय का माहौल बन गया है।


राजवी ने पत्र में कहा कि आनंदपाल के परिवार को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। अपराधी का परिवार होना अपराध नहीं है, यह बात पुलिस प्रशासन भूल चुका है। राजपूत समाज के सभा भवन में पुलिस जबरन घुस गर्इ। वहां तलाशी ली गर्इ। इस प्रकार पूरे समाज को ही अपराधी घोषित कर प्रताड़ित करना असहनीय अन्याय है। भाजपा को ऊंचाई देने में ब्राह्मणों, वैश्यों, मूल आेबीसी सहित राजपूतों का अतिविशिष्ट योगदान रहा है। पिछले दिनों हुर्इ घटनाआें से पार्टी को नुकसान हो रहा है। इस मामले में शीघ्र उचित कार्रवार्इ की जानी चाहिए। राजवी ने उम्मीद जतार्इ कि पत्र मिलने पर शाह अवश्य कार्रवार्इ करेंगे। 


रूस आैर अलास्का के बीच भूकंप के जोरदार झटके, रिक्टर पैमाने पर 7.8 रही तीव्रता

वाशिंगटन। उत्तरी प्रशांत महासागर में अलास्का के अलैटियन द्वीप समूह और रूस के कमचटका प्रायद्वीप के बीच भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (यूएसजीएस) के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। इसके बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गर्इ है।


यूएसजीएस के मुताबिक भूकंप के यह झटके स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 34 मिनट पर महसूस किए गए। भूकंप का केन्द्र समुद्रतल से बहुत कम करीब 10 किलोमीटर नीचे अलास्का के सबसे बड़े द्वीप अट्टू में था। फिरहाल भूकंप के कारण किसी भी तरक के नुकसान की खबर नहीं है।


अमरीकी प्रशांत क्षेत्र सुनामी चेतावनी केंद्र ने सुनामी की चेतावनी जारी की है। केन्द्र ने भूकंप के केंद्र के 300 किलोमीटर के भीतर खतरनाक सुनामी लहरों की चेतावनी जारी की है। हम आपको बता दें कि 7.8 तीव्रता वाले भूकंप को काफी बड़ा माना जाता है। इसके बाद भी कर्इ आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए। जिनकी तीव्रता 5.0 तक रही। हालांकि राहत की बात ये रही कि जहां पर भूकंप का केन्द्र था, वहां पर दूर-दूर तक आबादी नहीं है।


लालचंद शर्मा नहीं मालासर का सुरेंद्र सिंह था सांवराद उपद्रव में मारा गया व्यक्ति

जयपुर। सांवराद उपद्रव में गोली लगने से मरा व्यक्ति कौन था, इसका पता चल गया है। शिनाख्त के बाद स्पष्ट हो गया है कि वह रोहतक निवासी लालचन्द शर्मा नहीं, मालासर का सुरेन्द्र सिंह था। सोशल मीडिया पर उसकी फोटो वायरल हुई तो सोमवार को कल्याण सिंह (मालासर) ने बेटे सुरेन्द्र सिंह के रूप में उसकी पहचान की है। 


सुरेन्द्र ब्यावर क्षेत्र की फैक्ट्री में काम करता था। वहां से परिजनों को सूचना दिए बिना 12 जुलाई को सांवराद पहुंच गया था। पिता ने बताया कि हर दो-तीन दिन में सुरेन्द्र घर फोन करता था। इस बार कई दिन तक उससे बात नहीं हुई थी। उसका फोन भी बंद आ रहा था।  पुलिस हरियाणा व राजस्थान में मृतक के परिजनों को तलाश रही थी। कल्याण सिंह की बेटी के जयपुर निवासी ससुर हरदयाल सिंह ने फोटो सुरेन्द्र की होने की आशंका जताई। उन्होंने कल्याणसिंह को फोटो भेजी। 


फोटो देख वह मालासर थाने पहुंचे। वहां थानेदार ने फिर फोटो दिखाई तो उन्होंने पहचान सुरेन्द्र सिंह के रूप में की। सूचना मिलते ही डिप्टी नारायण दान सोमवार शाम करीब 6 बजे कल्याण सिंह को जयपुर लाए और शिनाख्त कराई। पहचान होने पर पुलिस ने एसएमएस में मुर्दाघर के बाहर एहतियातन पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया।  वहीं, सांवराद में सुबह सात से शाम सात बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई। 


पुलिस मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराएगी। तब पता चलेगा कि गोली किस हथियार से लगी। चूरू एएसपी केसर सिंह शेखावत ने बताया कि सुरेन्द्र का नाम लालचंद व हरियाणा निवासी प्रचारित होने से परिजनों का ध्यान नहीं गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास और राजपूत करणी सेना संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी भी मोर्चरी पहुंचे। खाचरियावास ने सरकार से मांग की है कि आनंदपाल से जेल में मिलने वाले मंत्रियों के नाम उजागर करे। 


मोदी सरकार जल्द लेगी बड़ा फैसला, 10 लाख से बढ़कर होगी 20 लाख रुपए

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार इस दौरान कई अहम बिलों को पारित कराने की कोशिश करेगी। जिसमें ग्रैच्युटी ऐक्ट में संशोधन विधेयक भी शामिल है। सरकार संशोधन के जरिए ग्रैच्युटी पर टैक्स छूट की सीमा को बढ़ने की तैयारी में है। इसके तहत  टैक्स छूट की सीमा को दोगुना किया जा सकता है। 


वर्तामन समय तक 10 लाख रुपए से ज्यादा की ग्रैच्युटी राशि पर टैक्स लगता रहा है। लेकिन अब केंद्र सरकार विधेयक पारित कर इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए तक करने जा रही है। जहां इस फैसले को कैबिनेट ने इस साल 15 मार्च को ही मंजूरी दे दी थी। बता दें कि रिटायरमेंट के बाद कंपनी या फिर सरकार अपने कर्मचारी को ग्रैच्युटी की राशि देती है। इसके साथ ही इसका फायदा कंपनियां 5 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों को देती है।  


ध्यान हो कि 10 या उससे अधिक कर्मचारी रखने वाले संस्थानों पर ग्रैच्युटी एक्ट लागू है। साथ ही इस दायरे में एक बार आने के बाद भी अगर कंपनी की कर्मचारियों की संख्या भी कम हो जाती है, तो यह नियम उस लागू रहता है। तो वहीं फिहलहाल देश में पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट 1972 लागू है। पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट 1972 के तहत सरकारी दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रैच्युटी की रकम पर टैक्स में छूट मिलती है, जहां कर्मचारियों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। तो वहीं प्राइवेट कर्मचारियों को भी 10 लाख रुपए तक की ग्रैच्युटी पर कोई टैक्स जमा नहीं करना पड़ता है। जबकि इस एक्ट के तहत कोई भी कर्मचारी चाहे वो सरकारी हो या गैर-सरकारी लगातार 5 साल या उससे अधिक की सेवा संस्थान में देता है, तो तब भी वह ग्रैच्युटी पाने का हकदार है।


वेंकैया नायडू होंगे उपराष्ट्रपति पद के लिए NDA के उम्मीदवार

नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से गोपालकृष्ण गांधी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भाजपा ने भी अपना उम्मीदवार तय कर लिया है। वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार होंगे।


भाजपा संसदीय बोर्ड की यहां पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सूचना एवं प्रसारण तथा शहरी विकास मंत्री नायडु को सर्वसम्मति से उम्मीदवार बनाए जाने का निर्णय लिया गया। 


नायडु के नाम पर राजग के अन्य घटक दलों की सहमति भी ली गई। शाह ने कहा कि नायडु को 25 साल का लंबा संसदीय अनुभव है और वह युवावस्था से ही भाजपा से जुडे रहे हैं। वह 1970 से सार्वजनिक जीवन में हैं और जेपी आंदोदल से भी जुड़े रहे हैं। वह चार बार राज्यसभा के सदस्य रहे हैं और दो बार विधायक रहे हैं। 


इसके साथ ही नायडु दो बार भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नायडु को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्हें बधाई दी और कहा कि वह इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि नायडु का वर्षों का संसदीय अनुभव राज्यसभा के सभापति की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में उनके लिए मददगार होगा। नायडु मंगलवार को मामांकन पत्र दाखिल करेंगे। 


राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े एवं आपातकाल के दौरान जेल में रहे एम वेंकैया नायडू ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक की शुरूआत करके उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के प्रत्याशी बन गए। 


एक जुलाई 1949 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले के छवतपलम में जन्मे नायडू भाजपा के अध्यक्ष रहने के अलावा अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे और अब मोदी सरकार में शहरी विकास मंत्रालय के अलावा संसदीय कार्य मंत्री और सूचना प्रसारण मंत्रालय का भी कामकाज संभाला। 


कर्नाटक से 1998 में राज्यसभा के सदस्य रहने के बाद 2004 और 2009 वह फिर संसद के उच्च सदन के लिए चुने गए। वह 29 मई 2016 को राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुने गए। आंध्र विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा लेने वाले नायडू छात्र जीवन में एबीवीपी में शामिल हुए और आंध्र विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। जेपी आन्दोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने वाले नायडू आपातकाल में जेल भी गए। 

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