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अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 11 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

Patrika news network Posted: 2017-07-11 08:32:51 IST Updated: 2017-07-11 08:32:51 IST
अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 11 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें
  • भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें...

J&K: अमरनाथ यात्रियों के बस पर बड़ा आतंकी हमला, 7 की मौत- 11 से अधिक घायल

श्रीनगर।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में अमरनाथ यात्रियों की बस पर आतंकी हमले की सूचना है। जहां इस हमले में 7 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। जबकि 11 से अधीक यात्री घायल हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, अमरनाथ यात्रियों से भरी बस  बाल्टाल से मीर बाजार की तरफ जा रही थी, तभी आतंकियों ने अचानक फायरिंग करनी शुरु कर दी। 

मिली जानकारी के मुताबिक, हमला रात के लगभग 8 बजकर 30 मिनट के आसपास हुआ है, तो वहीं इस हमले में घायल लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षाबलों ने अलर्ट जारी कर दिया है। और आतंकियों की तलाश जारी है। साथ ही सुरक्षा को देखते हुए जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद कर दिया गया है। 

फिलहाल सुरक्षाबल बस की जांच में जुटे हैं। जिसमें बस के साथ मिले सुरक्षा व्यवस्था की छानबीन की जा रही है। तो वहीं बताया जा रहा है कि बस अमरनाथ यात्रियों के काफिले का हिस्सा नहीं थी और न ही अमरनाथ श्राइन बोर्ड में उसका रजिस्ट्रेशन हुआ था। हमले में 2 लोगों की मौत मौके पर हो गई। जबकि 4 लोगों ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

राज्य की सीएम महबूबा मुफ्ती की सरकार में वरिष्ठ मंत्री नईम अख्तर ने इस आतंकवादी हमले को कश्मीर के इतिहास में काला धब्बा करार दिया है। तो वहीं जम्मू-कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था के हालात को देखते हुए शनिवार को अमरनाथ यात्रा रोक दी गई थी। 

जबकि नेशनल कान्फ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले की कड़ी से कड़ी निंदा भी कम है। अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की हालिया सफलता के बाद इस तरह के हमले की आशंका बनी हुई थी।

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इस साल यात्रा के दौरान हम सभी को इसका भय था। आतंकवादियों के खिलाफ हालिया सफलता और बहुत बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती को देखते हुए यह आशंका थी।  

गौरतलब है कि आतंकवादी हमले से कुछ ही घंटे पहले जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के साथ इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। गिरफ्तार व्यक्तियों में मुजफ्फरनगर वासी संदीप कुमार शर्मा उर्फ आदिल भी शामिल है।



ऑपरेशन मालाबार 2017- चीन से तनाव के बीच भारत-यूएस-जापान का संयुक्त युद्धाभ्यास शुरु

नई दिल्ली।

चीन से जारी गतिरोध के बीच भारत,अमरीका और जापान की नौसेना ने यहां मालाबार नौसेनिक युद्धाभास 2017 की शुरुआत कर दी। इस सैन्य अभ्यास में कुल 16 जंगी जहाज, 95 एयरक्राफ्ट्स और दो सबमरीन शामिल किए गए हैं। तो वहीं इस अभ्यास का मकसद तीनों देशों के बीच आपसी सैन्य संबंधों को और अधिक मजबूत करना है, ताकि भविष्य में किसी भी चुनौती का मुकाबला किया जा सके। 

मालाबार नौसेनिक युद्धाभास का 21वां संस्करण है। जो कि 17 जुलाई तक चलेगा। ध्यान हो कि साल 1992 से भारत और अमरीका हर साल नौसेना अभ्यास का आयोजन बंगाल की खाड़ी में करते आ रहे हैं। जहां इस मालाबार नौसेना अभ्यास में जापान की मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (रूस्ष्ठस्न) चौथी बार लगातार भाग ले रही है। 

इस अभ्यास की घोषणा ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एचसीएस बिष्ट ने की। जिसके बाद उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य समान चुनौतियों और खतरों से एक साथ मिलकर निपटा जा सके। बावजूद इसके उन्होंने भारतीय समुद्री इलाके में चीनी पनडुब्बियों की स्थितियों की खबरों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 

तो वहीं इस अभ्यास में भाग ले रहे अमरीकी नौसेना के स्ट्राइक ग्रुप 11 के कमांडर रियर ऐडमिरल विलियम डी ब्रायन ने कहा कि इस अभ्यास के जरिए ये संदेश दिया जा रहा है कि हम एकसाथ किसी भी खतरे का मुकाबला कर सकते हैं। और हमारा साथ बेहतर है। उन्होंने यह बात इस क्षेत्र नौसेना अभ्यास के बाद चीन के प्रतिक्रिया के सवाल पर कही। 

गौरतलब है कि इन दिनों हिंद महासागर के क्षेत्र में चीनी गतिविधियां काफी तेज हुई है। तो वहीं इस अभ्यास को लेकर चीन पहले ही आपत्ति जता चुका है। तो वहीं सिक्किम बॉर्डर पर भारत और चीन की सीमा के तनाव पिछले कई दिनों से लगातार जारी है। जबकि इस अभ्यास के कुछ दिनों पहले ही भारतीय समुद्री इलाके में चीनी पनडुब्बियों को चहलकदमी करते देखा गया था। 



टीम इंडिया के कोच पर फैसला टला: गांगुली बोले- नाम ऐलान करने के लिए चाहिए और समय

मुंबई।

भारतीय क्रिकेट टीम के नए राष्ट्रीय कोच का फैसला फिलहाल कुछ दिन के लिए टल गया है और कोच को चुनने के लिए नियुक्त तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति इस मामले में कुछ और लोगों खासकर कप्तान विराट कोहली से चर्चा करेगी। 


समिति के सदस्य और पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली ने सोमवार को दिनभर चली गहमागहमी के बाद शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। गांगुली ने कहा कि हमे अगले कोच की घोषणा करने के लिए कुछ दिन का समय लगेगा। हमें कुछ और लोगों से बात करनी है, विशेष रूप से विराट कोहली से। 


भारतीय कोच के लिये टीम इंडिया के पूर्व निदेशक रवि शास्त्री को अग्रणी माना जा रहा था और यह संभावना जताई जा रही थी कि उनके नाम पर मोहर लग जाएगी लेकिन गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाडिय़ों की समिति ने फैसले को फिलहाल टाल दिया है। 


यह पूछने पर कि क्या विराट ने कोच पद के लिए अपनी कोई पसंद दी थी, गांगुली ने कहा कि हम विराट को श्रेय देना चाहेंगे कि उन्होंने इस मामले से खुद को पूरी तरह अलग रखा। उन्होंने कोच के लिए नामों पर अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कहा।


यह कहा जा रहा था कि टीम इंडिया के पूर्व निदेशक शास्त्री कप्तान विराट की पसंद हैं और उन्होंने इस बात को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और इस समिति को भी जाहिर किया था लेकिन गांगुली ने स्पष्ट किया कि विराट ने इस तरह की कोई पसंद नहीं बताई है। गांगुली ने कहा कि हम भारतीय कोच की घोषणा को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे। 


गौरतलब है कि बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने कहा था कि भारत को उसके श्रीलंका दौरे से पहले नया कोच मिल जाएगा। श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है और टीम को श्रीलंका दौरे में 21- 22 जुलाई को कोलंबो में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेलना है। 



राजे सरकार फिर सवालों के घेरे में, 6 शहरों में क्चछ्वक्क के नाम कीं बेशकीमती ज़मीनें, यहां जानें कैसे निकाली गली!

जयपुर।

राज्य सरकार अपनी पार्टी यानी भाजपा पर मेहरबान है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में जमीन देने के लिए भाजपा को न सिर्फ 'व्यापक जनहित में काम करने वाली' पार्टी बताया है बल्कि आवासीय जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन कर उसे संस्थानिक कर दिया है।


नगरीय विकास मंत्री के संसदीय क्षेत्र रहे चित्तौडग़ढ़ में भाजपा को कार्यालय के लिए जमीन देने के लिए सरकार ने भू-उपयोग आवासीय से बदलकर संस्थानिक कर दिया। अब झालावाड़ में भी ऐसा ही किया जा रहा है।


हाईकोर्ट का डर, इसलिए निकाली गली

हाईकोर्ट ने कहा था कि भू-उपयोग परिवर्तन तब ही किया जा सकता है, जब व्यापक जनहित में जरूरी हो। इसलिए सरकार ने भाजपा को 'व्यापक जनहित' से जोड़ा है। सरकार ने पार्टी की गतिविधियों को जन कल्याणकारी और व्यापक जनहित में बताया है। स्वायत्त शासन विभाग ने इसकी अनुमति दे दी है। अब 4 अन्य शहर में भी पार्टी कार्यालय के लिए जमीन आवंटित की जा रही है।


सरकार ने यूं निकाला तोड़

- नियम-नीतियों में व्यापाक जनहित परिभाषित नहीं

- भाजपा को जमीन देने पर जनता व जन प्रतिनिधियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान व जन कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जनता की भागीदारी हो सकेगी।

- व्यापक जन कल्याण को संकुचित दृष्टि से नहीं देखा जा सकता

- किस काम की व्यापकता वृहद जन कल्याण के लिए कितनी है, यह प्रत्येक प्रकरण के गुण-दोष पर निर्भर है। इसे परिभाषित करना उपयुक्त नहीं होगा।

- राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 व इसके अंतर्गत निहित नियमों व नीतियों में व्यापक जनहित को परिभाषित नहीं किया गया है। इस कारण जनहित के दृष्टिगत प्रत्येक प्रकरण में गुण-दोष के आधार पर प्रशासनिक निर्णय किया जाना उपयुक्त होगा।

(विधि सलाहकार की इस राय पर सभी अफसर हस्ताक्षर करते गए)


फिर शुरू हुआ जमीन आवंटन

भाजपा ने ज्यादातर शहरों में पार्टी कार्यालय के लिए जमीन आवंटन कराने का काम शुरू कर दिया है। स्वायत्त शासन विभाग ने 6 शहरों में तो जमीन आवंटन की अनुमति दे दी है। अन्य किसी राजनीतिक दल ने अभी तक पार्टी कार्यालय के लिए भूमि का आवेदन नहीं दिया है।


इन शहरों में दी जमीन

चित्तौडग़ढ़, नागौर, जैसलमेर, राजसमंद, हनुमानगढ़, झालावाड़


यह है नियम

- राजस्थान भू-आवंटन पॉलिसी 2015 के तहत राजनीतिक दलों को जमीन आवंटन का प्रावधान है

- भाजपा को आरक्षित दर के अलावा 15 प्रतिशत दर पर जमीन आवंटन किया जा रहा है

''जो भी गतिविधि सार्वजनिक व देश हित में है, उसमें भू-उपयोग परिवर्तन किया जा सकता है। कोर्ट ने भी यही कहा है। राजनीतिक पार्टी व्यक्तिगत नहीं जनहित में काम कर रही है। इसलिए भू-उपयोग परिवर्तन किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना किसी भी स्तर पर नहीं की जा रही है।'' - श्रीचंद कृपलानी, स्वायत्त शासन मंत्री

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