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J&K: राज्य सरकार को मानवाधिकार आयोग का आदेश, आर्मी जीप से बंधे डार को दें 10 लाख रुपए मुआवजा

Patrika news network Posted: 2017-07-10 17:35:48 IST Updated: 2017-07-10 17:35:48 IST
J&K: राज्य सरकार को मानवाधिकार आयोग का आदेश, आर्मी जीप से बंधे डार को दें 10 लाख रुपए मुआवजा
  • मामले की गंभीरता को देखते हुए 53 राष्ट्रीय राइफल के मेजर गोगोई के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

जम्मू।

बीते महीने जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए सेना की जीप पर एक युवक को ढाल की तरह इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था। जिसे लेकर सेना ने कहा था कि घाटी में जवानों को बचाने के लिए कश्मीरी युवक फारुख अहमद डार को जीप के बोनट से बांधने का फैसला किया गया था। अब इस मामले में जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए अहमद डार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की बात कही है।



मानवाधिकार आयोग ने राज्य में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन की सरकार को फारुख अहमद डार को बतौर मुआवजा 10 लाख रुपए की राशि देने को कहा है। तो वहीं डार ने कहा था कि वो पत्थरबाज नहीं है और उसने जीवन में कभी भी पत्थरबाजी नहीं की है। वो तो एक शॉल बुनकर है। और वह कश्मीर के बडग़ाम के छील का रहने वाला है।



जबकि इस मामले पर विवाद शुरु होने के बाद सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मेजर गोगाई का खुलकर समर्थन करते हुए कहा था कि हम जवानों को पत्थरबाजों के बीच मरने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं। जबकि इस मामले में राज्य सरकार ने भी जांच की बात कही थी। जबकि बीजेपी ने मेजर गोगाई का पूरा समर्थन किया था। 



मामले की गंभीरता को देखते हुए 53 राष्ट्रीय राइफल के मेजर गोगोई के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद सेना कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी बैठाई थी। और इस मामले में मेजर गोगाई को सेना क्लीन दिया था। वहीं एक बार फिर राज्य मानवाधिकार आयोग के आदेश के बाद डार को जीप के बोनट से बांधने के फैसले पर विवाद शुरु होने की आशंका बढ़ सकती है। 

rajasthanpatrika.com

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