Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

दार्जिलिंग में हिंसा के बाद सड़कों पर फिर उतरी सेना, पृथक राज्य की मांग पर दिल्ली में भी प्रदर्शन

Patrika news network Posted: 2017-07-09 14:07:30 IST Updated: 2017-07-09 14:07:30 IST
दार्जिलिंग में हिंसा के बाद सड़कों पर फिर उतरी सेना, पृथक राज्य की मांग पर दिल्ली में भी प्रदर्शन
  • दार्जिलिंग में हिंसा के बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर सेना को वापस बुला लिया है।

दार्जिलिंग।

दार्जिलिंग में हिंसा के बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर सेना को वापस बुला लिया है। गोरखालैंड की मांग कर रहे लोगों ने एक पुलिस चौकी आैर एक टॉय ट्रेन स्टेशन को आग के हवाले कर दिया। साथ ही दो स्थानों पर पुलिस आैर गोरखालैंड के समर्थकों के बीच झड़प भी हुर्इ है। 


पश्चिम बंगाल से अलग एक नए राज्य की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि पुलिस गोलीबारी में दो युवकों की मौत हुर्इ है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बातचीत की पेशकश को भी ठुकरा दिया है। हालांकि पुलिस ने गोलीबारी की खबर से इनकार किया है। 


सोनादा में हिंसा के बाद दार्जिलिंग हिल्स में सेना को तैनात किया गया है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने कहा है कि ममता बनर्जी आैर राज्य सरकार के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो चुका है। सोनादा आैर चौकबाजार में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा आैर गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट की झड़प हुर्इ। 


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोनादा आैर दार्जिलिंग में सौ-सौ कर्मियों की सेना की दो टुकड़ियों की तैनाती की गर्इ है। वहीं गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट का दावा है कि सुरक्षाबलों ने युवक ताशी भुटिया की गोली मारकर हत्या कर दी। उस वक्त दवा खरीदने के लिए गया था। वहीं पुलिस का कहना है कि फिलहाल गोलीबारी की खबर नहीं है। हम घटना का पता लगा रहे हैं। हम बाद में आपको ब्योरा देंगे। 


जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन

उधर, पृथक गोरखालैंड की मांग पश्चिम बंगाल से होते हुए आज दिल्ली पहुंच गई और हजारों की तादाद में गोरखा संयुक्त संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पृथक गोरखालैंड की मांग के समर्थन तथा पश्चिम बंगाल सरकार की कथित ज्यादतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का जुलूस राजघाट से शुरु होकर जंतर-मंतर पर पहुंचा। समिति के कार्यकर्ताओं का कहना था कि वह पृथक गोरखालैंड से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। इसलिए सरकार यदि इस मुद्दे के अलावा किसी और मुद्दे पर बातचीत करना चाहती है तो बेहतर होगा कि वह ऐसा नहीं करे। 

rajasthanpatrika.com

Bollywood