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एक क्लिक में यहां पढ़ें बड़ी और चर्चित खबरें

Patrika news network Posted: 2017-06-18 08:47:41 IST Updated: 2017-06-18 08:52:08 IST
एक क्लिक में यहां पढ़ें बड़ी और चर्चित खबरें

हाईवोल्टेज सुपर संडे: भारत-पाकिस्तान के बीच 'डबल' महामुकाबला आज, क्रिकेट के साथ हाॅकी में भी बड़ा दिन 


लंदन।

भारत और पाकिस्तान की टीमें क्रिकेट और हॉकी के मैदान पर रविवार को किसी तीसरे देश यानी इंग्लैंड में आमने-सामने होंगी। भारतीय क्रिकेट टीम लंदन के ओवल में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाक से भिड़ेगी, वहीं, हॉकी टीम मिल्टन केन्स में विश्वलीग सेमीफाइनल में पाक के खिलाफ उतरेगी।

क्रिकेट इतिहास के दो सबसे प्रबल प्रतिद्वंद्वी भारत आैर पाकिस्तान के क्रिकेट के मैदान में आर्इसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के महा मुकाबले में उतरेंगे तब ना केवल दोनों टीमों के बीच सम्मान की जंग होगी बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भावनाआें की सुनामी उठ जाएगी। 

चैंपियंस ट्रॉफी शुरू होने के समय किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि भारत आैर पाकिस्तान फाइनल में आमने-सामने होंगे। दोनों देशों का ग्रुप मुकाबला शुरू होने से कर्इ महीने पहले ही हाउसफुल हो चुका था आैर अब तो दोनों के बीच फाइनल का रोमांच सिर चढ़कर बोलेगा। भारत चैंपियंस ट्रॉफी का गत विजेता आैर लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। पाकिस्तान की टीम अपने पहले मैच में भारत से करारी शिकस्त झेलने के बाद हैरतअंगेज प्रदर्शन करते हुए फाइनल में पहुंच चुकी है। पाकिस्तान का यह पहला फाइनल है। 

10 साल में दूसरी बार आया है मौका 

दोनों टीमें आर्इसीसी टूर्नामेंटों के इतिहास में दूसरी बार फाइनल में भिड़ेंगी। इससे पहले दाेनों के बीच 2007 के टवेंटी-टवेंटी विश्वकप में मुकाबला हुआ था, जिसमें भारत ने जीत दर्ज की थी। भारत आैर पाकिस्तान के बीच ग्रैंड फाइनल में दोनों देशों के करोड़ों प्रशंसकों की सांसें थमी रहेंगी आैर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली तथा पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद पर तनाव की तलवार तब तक लटकती रहेगी जब तक मैच का फैसला न हो जाए। दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला करो या मरो से कम नहीं होगा क्योंकि किसी भी टीम को खिताब से कुछ कम मंजूर नहीं होगा। एेसे में दस साल बाद ये संडे सुपर संडे में बदलने जा रहा है। 

क्रिकेट के साथ ही हाॅकी में भी बड़ा दिन

क्रिकेट टीम जब आेवल में पाकिस्तान का आर्इसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में सामना करने उतरेगी तो कुछ किलोमीटर दूर भारतीय हाॅकी टीम भी महामुकाबले में पाकिस्तान के सामने खेलेगी। मौका होगा हाॅकी वर्ल्ड सेमीफाइनल्स के पूल बी मुकाबले का। भले ही आंकड़ों में पाकिस्तान का पलड़ा भारत से भारी दिखार्इ दे लेकिन हाल के वर्षों में टीम ब्लू ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया है। 

क्रिकेट मैच 

शाम 3.00 बजे से।


हॉकी मैच

शाम 6.30 बजे से ।


ICC टूर्नामेंटः भारत ने 15 में से 13 बार PAK को दी पटखनी, एक बार सरफराज की कप्तानी वाली टीम से मिली थी शिकस्त

नर्इ दिल्ली।

पाकिस्तान का आर्इसीसी टूर्नामेंट में भारत के खिलाफ रिकाॅर्ड बहुत ज्यादा खराब है। दोनों टीमें आर्इसीसी टूर्नामेंट में 15 बार आमने सामने हुर्इ हैं आैर इनमें से 13 मैच एेसे रहे हैं जब भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराया है। वहीं पाकिस्तान महज दो बार भारत को हराने में कामयाब रहा है। हालांकि पाकिस्तान के मौजूदा कप्तान सरफराज अहमद इसके बावजूद भी एक कारण से खुश हो सकते हैं। 

दरअसल, पाकिस्तान की टीम में दो एेसे सदस्य हैं जिन्होंने भारत के खिलाफ आर्इसीसी टूर्नामेंट का फाइनल जीता है। जी हां, ये हैं पाकिस्तान के मौजूदा कप्तान सरफराज अहमद आैर टीम के स्पिन गेंदबाज इमाद वसीम। 

पाकिस्तान ने 2006 में अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में टीम इंडिया को हराया था। कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया वो मैच भारत 38 रन से हार गया था। मैच के दौरान पिच बहुत खराब थी। पाकिस्तान की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 109 रन पर आउट हो गर्इ थी। इसके बाद गेंदबाजों ने भारतीय टीम को 71 रन पर समेट दिया था। 

उस टूर्नामेंट में सरफराज पाकिस्तानी टीम के कप्तान थे। वहीं भारतीय टीम के कप्तान चेतेश्वर पुजारा थे। उस वक्त भारतीय टीम में रोहित शर्मा आैर रविंन्द्र जडेजा भी शामिल थे। चैंपियंस ट्रॉफी में ये दोनेां खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल खेलेंगे। 



पीटीईटी : भरें बीएड कॉलेज के विकल्प, 28 जून के बाद नहीं मिलेगा मौका

अजमेर।

 पीटीईटी एवं बीए बी.एड./बी.एससी बी.एड काउंसलिंग के तहत पंजीयन प्रक्रिया जारी है। रविवार से बीएड कॉलेज के लिए ऑनलाइन विकल्प भरे जा सकेंगे।

समन्वयक प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध बीएड महाविद्यालयों के अनापत्ति पत्र प्राप्त हो चुके हैं। कॉलेज विकल्प रविवार से भरने प्रारंभ होंगे। अभ्यर्थियों को जिन महाविद्यालयों में प्रवेश दिया जाना है, उनकी सूची वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी। अभ्यर्थी सूची के अनुसार 28 जून तक ऑनलाइन विकल्प पत्र भर सकेंगे। विकल्प के लिए कोई सीमा नहीं है।

 काउंसलिंग के लिए पंजीयन शुल्क 5 हजार रुपए रखा गया है। विद्यार्थी आईसीआईसीआई बैंक की किसी भी शाखा में चालान जमा करा सकेंगे। जिन अभ्यर्थियों को कोई भी महाविद्यालय आवंटित नहीं होगा उन्हें रजिस्ट्रेशन शुल्क नियमानुसार पुन: लौटा दिया जाएगा। 


प्रथम काउंसलिंग के बाद 30 जून को कॉलेज आवंटन किए जाएंगे। आवंटित कॉलेज के लिए प्रवेश शुल्क 22 हजार रुपए 1 से 7 जुलाई तक जमा होगा। विद्यार्थियों को 8 जुलाई तक कॉलेज में रिपोर्टिंग करनी होगी। 



OMG! लुटेरों ने कोटा पुलिस को दी खुली चुनौती, दम है तो पकड़ के दिखाओ

कोटा।

-अगर आप कोटा के इन हाइवे से गुजर रहे हैं तो रहिए सावधान, यहां घात लगाकर बैठे हैं लुटेरे

-दिनदहाड़े हाइवे पर पिस्टल के दम पर लूट रहे लोगों को 

अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद हो रहे हैं। वे दिनदहाड़े हाईवे पर बंदूक की नौक पर लागों से लूट खसौट कर पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। पिछले सात दिनों में अनंतपुरा और उद्योगनगर इलाके में दो मामले लूट के सामने आए। 

इन दोनों ही घटनाओं में अपराधियों को पुलिस नहीं पकड़ पाई  है। इन घटनाओं से पुलिस में तो हड़कंप मच गया है। दोनों वारदातों के पीडि़तों ने सफेद कार बताई है। एेसे में यह अपराधी एक ही हो सकते हैं। 

दोनों वारदातों में लूट का तरीका एक

इन दोनों लूट में एक ही तरीका अपनाया गया है। जिसमें गलत दिशा से आकर कार को पीडि़तों के सामने आकर रोकना। बंदूक की नौक पर चाबी निकालना। मंगलसूत्र, जेब व पर्स से पैसे लूटना। साथ ही चाबी लेकर भाग जाना, ताकि पीडि़त पीछा नहीं कर सकें। 

12 जून: समय सुबह नौ बजे 

स्थान : अनन्तपुरा बाईपास से बारां मार्ग के बीच

रंगबाड़ी निवासी गुमानीशंकर कार से एक समारोह में श्यामपुरा जा रहे थे। उनके साथ पत्नी लाड़बाई, पुत्रवधु सुनीता और पौत्र हिमांशु थे। अनंनपुरा बाईपास से बारां की तरफ फोरलेन पर एक किमी आगे पहुंचे ही थे कि गलत साइड से एक कार ने सामने आकर रोक लिया। 

उस कार से एक व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधे निकला और पिस्टल की नोक पर गुमानीशंकर की कार से चाबी निकाल उसे बंद कर दिया। चाबी छीन ली साथ ही तीन हजार रुपए जेब से निकाल लिए। इतनी देर में दूसरा व्यक्ति आया और पत्नी व पुत्रवधु का मंगलसूत्र तोड़ लिया। दोनों अनंतपुरा की तरफ भा गए। पीछा किया तो मिले नहीं। उनकी कार पर नंबर प्लेट नहीं थी।

15 जून : समय : सुबह नौ बजे

स्थान : फोरलेन बाईपास डीडी नेत्र संस्थान के पास

गोविंद नगर निवासी सुरेन्द्र नायक पत्नी रीना के साथ सुल्तानपुर से कोटा घर की ओर आ रहे थे।  वे फोरलेन स्थित डीडी नेत्र संस्थान के सामने पहुंचे ही थे कि सामने से एक कार उनके सामने आकर रुकी। उसमें से दो बदमाश उतरे और बंदूक की नोक पर बाइक की चाबी निकाल ली। 

एक बदमाश ने रीना  के मंगलसूत्र झपटा, लेकिन उसके आर्टिफिशियल होने का हवाला दिया तो लूटेरों ने छोड़ दिया। साथ ही सुरेन्द्र के पर्स से करीब 300 रुपए लेकर चले गए। बाइक की चाबी ले जाने से वह उनका पीछा भी नहीं कर सके।

अपरोधियों को जल्द पकड़ेेंगे

लूट की घटनाएं हुई हैं। मामले में  गहनता से पड़ताल चल रही है। अपराधियों और अपराध में प्रयुक्त वाहन को आईडेंटिफाई किया जा रहा है। जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।

अंशुमन भौमिया, एसपी सिटी।


दर्द का रिश्ता...अब्बा सरहद पार, बेटा छुड़ाने की कर रहा गुहार

दीपक व्यास/ श्यामसिंह भाटी

सरहदी क्षेत्र छुटों की ढाणी (जैसलमेर).

पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा को अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारत की ओर से चुनौती देकर राहत दिलाने और देश के बेटे को पाक के ‘नापाक’ इरादों से बचाने की मुहिम में देशवासियों के समर्थन के माहौल में सरहदी जिले का एक युवक ऐसा भी है, जिसकी आंखे यह सब पढक़र-सुनकर नम हो जाती है। उसने जीवन में कभी पिता का प्यार नहीं देखा, बस धुंधली याद है कि वह तुतलाती आवाज में पिता की गोद में बैठकर जिंदगी के सुनहरे सपने देखता था। कभी-कभार मवेशी चराने उनके कंधे पर बैठकर जाता था। आज भी वह किसी पिता को अपने बच्चों को डांटते या पुचकारते देखता है तो उसकी आंखे छलछला उठती है। अपने पिता को अब वह पुरानी तस्वीरों में देखता है। उसे उम्मीद है कि हर काली रात के बाद एक मुस्कराती सुबह आती है, वैसे ही उसके घर में फिर से खुशियां आएगी और उसके अब्बू घर लौटेंगे। यह सोचकर उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आती है, लेकिन अगले ही पल उसे वर्षों से पाकिस्तान की जेल में बंद अपने पिता के बारे में ख्याल आता है तो उनकी ओर से भोगी जाने वाली यातनाओं के विचार मात्र से मन आशंकाओं से भर जाता है और उसकी आंखे अज्ञात भय से शून्य को निहारने लगती है। पाक सीमा से सटे सरहदी गांवों में से एक बांधा गांव क्षेत्र में छुटों की ढाणी में रहने वाले हासम खां का पिता जमालदीन वर्ष 1986 में मवेशियों को चराते हुए गलती से सीमा के उसे पार पाकिस्तान चला गया। यह भूल न उसके परिवार को ऐसा जख्म दे गई, जो वर्षों तक उसे साल रहा है।

वर्षों से कोई खैर खबर नहीं

जमालदीन गलती से पाकिस्तानी सीमा में मवेशी चराता हुआ चला गया था, जिसे पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसियों ने भारतीय जासूस समझकर जेल भिजवा दिया। हासम उस समय पांच वर्ष का बच्चा था। तब उसका पिता की अंगुली से जो साथ छूटा, वह आज तक उसे अंदर से रुला रहा है। पिता जमालदीन के आने का इंतजार कर रहे हासम बताते हैं कि जेल में भेजे जाने के बाद 1990 तक कराची जेल से उसके पिता के चिट्ठी-पत्र आते रहते थे, जिससे उन्हें उसकी सलामति की जानकारी मिल जाती। इसके बाद से उसके पिता की न कोई चिट्टी आई और न ही कोई खैर खबर..। 

किसी ने नहीं ली सुध 

हासम व उसकी मां, पाक जेल में बंद जमालदीन की सलामति को लेकर आशंकित हैं। कुलभूषण मामले ने एक बार फिर से उनके जख्मों को हरा कर दिया है और उनका मन अनहोनी के भय से विचलित हो रहा है। हासम का कहना है कि जयपुर से लेकर दिल्ली तक अधिकारियों से लेकर राजनेताओं और सरकारी जिम्मेदारों की चौखट पर वर्षों तक अपने पिता की सलामति के लिए भटकने के बाद भी उसकी किसी ने सुध नहीं ली। इन सबके बावजूद उसे मन में यह भरोसा जरूर है कि एक बार उसके अब्बा फिर से घर आएंगे और वह अपनी अम्मी व अबू के साथ एक बार वो सारे बचपन के पल जी लेगा, जो उसने पिता से अलग रहकर गुजारे हैं। 

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