...तो आधार कार्ड नहीं होने पर नहीं बैठ सकेंगे इस परीक्षा में, फर्ज़ीवाड़ा रोकने के लिए उठाया जा रहा बड़ा कदम

Patrika news network Posted: 2017-02-26 11:30:06 IST Updated: 2017-02-26 11:33:52 IST
...तो आधार कार्ड नहीं होने पर नहीं बैठ सकेंगे इस परीक्षा में, फर्ज़ीवाड़ा रोकने के लिए उठाया जा रहा बड़ा कदम
  • फर्जी परीक्षार्थियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए परीक्षा केन्द्रों पर डिवाइस का इंतजाम किया गया है। यह आधार कार्ड से लिंक रहेगी, जिस पर परीक्षार्थी का अंगूठा लगवाया जाएगा।

भिंड।

मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा संचालित की जाने वाली दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भिण्ड जिला प्रशासन ने तैयारियां कर ली है। 


इस बार फर्जी परीक्षार्थियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए परीक्षा केन्द्रों पर डिवाइस का इंतजाम किया गया है। यह आधार कार्ड से लिंक रहेगी, जिस पर परीक्षार्थी का अंगूठा लगवाया जाएगा। फिर इनका फोटो और नाम सहित पूरी डिटेल खुलकर सामने आ जाएगी। 


आधिकारिक जानकारी के अनुसार एक मार्च से संचालित होने वाली हाईस्कूल, हायरसेकंडरी की परीक्षा के लिए जिले में 77 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। जिसमें से 67 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील माना गया है। 


इन परीक्षा केन्द्रों पर भिण्ड जिले के 54099 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 31 परीक्षा केन्द्र अतिसंवेदनशील माने गए है। 36 परीक्षा केन्द्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। 


पिछले वर्ष 98 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे इस बार 22 परीक्षा केन्द्र कम बनाए गए है। इस बार किसी भी निजी स्कूल को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया गया है। 


जिला कलेक्टर इलैया राजा टी ने बताया कि इस बार परीक्षा में प्राइवेट शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। परीक्षा केन्द्र पर नकल सामग्री मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कडी कार्यवाही की जाएगी। परीक्षा केन्द्र पर इनवीजलेटर एवं अन्य कर्मचारी का मोबाईल फोन प्रतिबंधित रहेगा। 


इस बार आम चुनाव में मतदान केन्द्रों से भी ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था परीक्षा केन्द्रों की रहेगी। अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर पुलिस की पेनी नजर रहेगी। जिले में अतिसंवेदनशील और संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर एक-पांच का सशस्त्र गार्ड तैनात किया जाएगा। 


जिला प्रशासन और पुलिस के आला अफसर संयुक्त रुप से परीक्षा केन्द्रों का जायजा लेते रहेंगे। परीक्षा में नकल किसी भी तरह से न चले इसके लिए निजी स्कूलों के शिक्षकों की परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। परीक्षा में सारा स्टाफ शासकीय रहेगा। पिछले वर्ष जिला प्रशासन व पुलिस की सख्ती के कारण नकल पर काफी हद तक रोक लगी थी। सख्ती के कारण ही करीबन 22 हजार परीक्षार्थी पकडे जाने के भय से परीक्षा देने ही नहीं आए थे। 

rajasthanpatrika.com

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