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वर्ल्ड किडनी डे: बिना दवा शुगर कंट्रोल तो किडनी डैमेज का खतरा, जानिए किडनी खराब होने के लक्षण

Patrika news network Posted: 2017-03-09 08:42:20 IST Updated: 2017-03-09 08:42:37 IST
वर्ल्ड किडनी डे: बिना दवा शुगर कंट्रोल तो किडनी डैमेज का खतरा, जानिए किडनी खराब होने के लक्षण
  • यदि पांच-छह साल से डायबिटीज रोग है। अचानक से बिना दवाई लिए शुगर कंट्रोल होती महसूस हो रही है तो अच्छे संकेत नहीं हैं।

जयपुर

यदि पांच-छह साल से डायबिटीज रोग है। अचानक से बिना दवाई लिए शुगर कंट्रोल होती महसूस हो रही है तो अच्छे संकेत नहीं हैं। ऐसे संकेत किडनी को डैमेज करने वाले हो सकते हैं। ऐसे में डायबिटीज की दवाएं बंद नहीं करें और तुरंत डॉक्टर को दिखाकर किडनी की जांच कराएं। हो सकता है यह किडनी डेमेज के खतरे का अलार्म हो।  


विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ल्ड किडनी डे प्रतिवर्ष मार्च के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। किडनी रोग किसी को भी हो सकता है, मगर सबसे ज्यादा खतरा डायबिटीज रोगियों को होता है। ऐसे रोगियों को दो से तीन साल में किडनी की जांच आवश्यक रूप से करा लेनी चाहिए, क्योंकि कई बार मरीज खुद को स्वस्थ्य महसूस करता है और शुगर भी कंट्रोल दिखाई देती है, किडनी रोग की संभावना बढ़ जाती है। 


किडनी रोग पर कम टूटता है इंसुलिन 

विशेषज्ञों ने कहा कि किडनी खराब होने के लक्षण नजर नहीं आते और स्थिति बिगड़ती चली जाती है। किडनी रोग होने पर इंसुलिन कम टूटता है, जिससे न इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत महसूस होती और न दवा लेना लोग जरूरी समझते हैं। डॉ. शीलभद्र जैन ने बताया कि यह स्थिति खतरनाक होकर किडनी पर बुरा असर डालती है और जांच कराके इलाज नहीं कराने पर कुछ साल में किडनी डैमेज तक हो जाती है। 


किडनी खराब होने पर मुख्य लक्षण 

- वजन बढ़ जाना, भूख कम लगना, मांसपेशियों व पैरों में ऐंठन 

- टखने व पैरों में सूजन,  खून की कमी व शरीर में खुजली होना 

- अधिक रक्तचाप होना, सांस फूलना

- रात में बार-बार पेशाब जाना, मूत्र में एल्बुमिन व प्रोटीन होना 

- इंसुलिन या एंटीडायबिटीज दवाओं की कम जरूरत महसूस करना

- सुबह के समय थकान, उल्टी जैसा जी होना, कमजोरी 


यह रखें सावधानी

डायबिटीज के रोगी किडनी खराब होने से बचने के लिए शुगर को कंट्रोल रखें। दवाएं बंद न करें। रक्तचाप कंट्रोल रखें। किडनी की नियमित जांच कराएं। यूरीनरी सिस्टम में संक्रमण न होने दें। किडनी पर असर डालने वाली दवाएं न लें। खासतौर पर दर्द निवारक दवाएं बिना परामर्श के न लें।

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