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मूवी रिव्यू: REEL और REAL लाइफ का फासला बताती 'तूतक तूतक तूतिया'

Patrika news network Posted: 2016-10-07 10:59:58 IST Updated: 2016-10-07 10:59:58 IST
  • साउथ में कई धमाकेदार फिल्में दे चुके निर्देशक ने ऑडियंस को 'तूतक तूतक तूतिया' के जरिए आकर्षित करने का भरसक प्रयास किया है। साथ ही उन्हें अपनी पहली हिंदी फिल्म से कई तरह की उम्मीदें भी हैं।

- रोहित के. तिवारी/ मुंबई ब्यूरो

बैनर : पूजा एंटरटेनमेंट फिल्म्स, शक्ति सागर प्रोडक्शंस

निर्माता : सोनू सूद

निर्देशक : एएल विजय

जोनर : हॉरर कॉमेडी

संगीतकार : साजिद-वाजिद, विशाल मिश्रा

स्टारकास्ट : प्रभु देवा, सोनू सूद, तमन्ना, मुरली शर्मा, अमी जैक्शन, ईशा गुप्ता, फराह खान

रेटिंग : ढाई स्टार


तमिल फिल्मों के स्टार निर्देशक एएल विजय इस बार पहली बार बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक हॉरर कॉमेडी फिल्म लेकर आए हैं। साउथ में कई धमाकेदार फिल्में दे चुके निर्देशक ने ऑडियंस को 'तूतक तूतक तूतिया' के जरिए आकर्षित करने का भरसक प्रयास किया है। साथ ही उन्हें अपनी पहली हिंदी फिल्म से कई तरह की उम्मीदें भी हैं।  


कहानी :

कृष्णा कुमार (प्रभु देवा) अच्छी नौकरी और मॉडर्न छोकरी के सपने लिए मुंबई आता है। फिर अचानक कृष्णा के गांव से उसकी दादी की बहुत ज्यादा तबियत भरब होने की खबर आती है, वे ऑक्सीजन पर होती हैं और उनकी एक ही इक्छा होती हसि की उनके पोते की शादी उन्हीं के सामने हो जाए। लेकिन कृष्णा को गांव की लड़की से शादी करनी नहीं होती है, जिसके लिए वह उसके सामने शराब तक पीकर आता है। साथ ही कृष्णा का दोस्त उसे शादी से बचने के लिए उसकी दादी की ऑक्सीजन नाली भी निकाल देता है। लेकिन उसकी दादी नहीं मरती और उसके ना चाहते हुए भी उसकी शादी गांव की लड़की देवी (तमन्ना) से हो जाती है, फिर कृष्णा के साथ ही उसकी पत्नी भी मुंबई आ जाती है। वह बहुत ही सीधी-साधी और घरेलू होती है, जिसकी वजह से कृष्णा अपने ऑफिस के एक अवार्ड फंक्शन में अपनी बीवी को नहीं ले जाता है। 



लेकिन उसके आग्रह करने पर वह पत्नी को साथ तो ले जाता है, पर कृष्णा उससे कहता है कि वह उससे पार्टी में दूर-दूर ही रहे। पर पार्टी में वह उसके साथ ही बैठती है और वह एक मॉडल की तरह पार्टी में स्टार राज खन्ना (सोनू सूद) से सामने जलवे बिखेरे देती है। ऐसा देख वह अपनी पत्नी को सभी से छिपाकर घर ले आता है। फिर सुबह उसकी पत्नी अचानक से बिल्कुल साधारण सी महिला की तरह रिएक्ट करती है, पर पर उसके घर पर स्टार राज के मैनेजर दिलीप कुकरेजा (मुरली शर्मा) के आते ही वह फिर से मॉडल बन जाती है। फिर एक दिन कृष्णा को पता चलता है कि वह उसकी बीवी नहीं, बल्कि रूबी है। 



जी हां, दरअसल कृष्णा जो घर किराए पर लेता है, वहां एक रूबी लेजी गोष्ट नाम की लड़की मुंबई में हीरोइन बनने आई थी, लेकिन काफी स्ट्रगल के बाद भी उसे सफलता नहीं मिली और उसने डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर ली थी। इसीलिए रूबी की रूह अपनी सुपर शक्तियों के साथ उसकी पत्नी देवी के शरीर में आ जाती है। अब कृष्णा की पत्नी पल में उसकी धर्मपत्नी और पालक झपकते ही रूबी बन जाती है। इसी के साथ फिल्म दिलचस्प मोड़ लेते हुए कहानी आगे बढ़ती है। 


अभिनय : 

प्रभु देवा साउथ के नामचीन स्टार हैं। उन्हें कोरियोग्राफी में महारथ तो हासिल ही है, साथ ही वे अभिनय में भी हमेशा ही माहिर रहे हैं। प्रभु अपने रोल कृष्ण कुमार को बखूबी निभाते दिखाई दिए। सोनू साूद एक विलेन के किरदार में कुछ बेहतर ही करते नजर आए, जिसमें वे कई मायनों में सफल भी रहे। स्वीटी के रोल में तमन्ना ने कुछ अलग कर दिखाने की पूरी कोशिश की है। मुरली शर्मा अपने ही जुदा अंदाज में दिखाई दिए। इसके अलावा एमी जैक्शन, ईशा गुप्ता और फराह खान अपनी कुछ देर की उपस्थिति में लोगों की वाहवाही लूटते नजर आए। 


निर्देशन : 

निर्देशक एएल विजय की बॉलीवुड में भले ही नई पारी रही हो, लेकिन उन्होंने अपने नायाब निर्देशन के दम पर खुद को प्रूव कर दिखाया है कि बस, डायरेक्शन की समझ की ही जरूरत होती है...। विजय ने इस फिल्म में अपने अंदाज में हॉरर कॉमेडी को परोसने का हर संभव प्रयास किया है। उन्होंने फिल्म को मसालादार बनाने के लिहाज से क्शन का तड़का भी जरूर लगाया, लेकिन कहीं-कहीं वे कुछ और नया कर सकते थे। हॉरर कॉमेडी के मामले में विजय ने वाकई में कुछ अलग कर दिखाने की कोशिश की है, जिसकी वजह से वे ऑडियंस की वाहवाही लूटने में काफी हद तक सफल भी रहे। 



फिल्म अपनी स्क्रिप्ट में ठीक-ठाक पकड़ के चलते इंटरवल से पहले और आखिर तक ऑडियंस को सीट से बांधे रखती है। बहरहाल, 'ज़िंदगी में इतनी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार कि पर्दा गिरने के बाद बजी दुनिया याद करे...', 'अगर उसकी आंख में एक भी आंसू आया...' जैसे कुछ एक डायलॉग्स काबिल-ए-तारीफ रहे, लेकिन अगर टेक्नोलॉजी और सिनेमेटोग्राफी की बात छोड़ दी जाए तो इस फिल्म के कॉमर्शिल में कुछ नया कर दिखाने की कमी सी महसूस हुई। इसके अलावा फिल्म में संगीत (साजिद-वाजिद, विशाल मिश्रा) तो दर्शकों के दिलों को रास आता सा महसूस हुआ। 


क्यों देखें : 

प्रभु देवा स्टाइल की हॉरर कॉमेडी की चाहत रखने वाले बेझिझक सिनेमाघरों की ओर रुख कर सकते हैं, उम्मीद है कि आपको निराश भी नहीं होना पड़ेगा। 

rajasthanpatrika.com

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