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बेहतर परिणाम की उम्मीद का 'प्रयास' रहा असफल, प्रदेश के 17 सौ से अधिक स्कूल फिसड्डी

Patrika news network Posted: 2017-07-16 11:31:30 IST Updated: 2017-07-16 11:31:30 IST
बेहतर परिणाम की उम्मीद का 'प्रयास' रहा असफल, प्रदेश के 17 सौ से अधिक स्कूल फिसड्डी
  • अंचल के सरकारी स्कूलों में बेहतर परिणामों की उम्मीद में शिक्षा विभाग की ओर से 2017 में शुरू किया गया प्रयास असफल रहा है। ऐसे में अब विभाग ने औसत से भी न्यून रहे विद्यालयों के परिणाम को सुधारने के प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।

चूरू

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बेहतर परिणामों की उम्मीद में शिक्षा विभाग की ओर से 2017 में शुरू किया गया 'प्रयास' असफल रहा है। ऐसे में अब विभाग ने औसत से भी न्यून रहे विद्यालयों के परिणाम को सुधारने के प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रदेश की बात करें तो 17 सौ से अधिक विद्यालय ऐसे हैं जहां परिणाम में 'प्रयास' रंग नहीं ला पाया । चूरू जिले सहित राज्य के इन विद्यालयों का  10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम बोर्ड के औसत परिणाम से भी न्यून रहा है। 


इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर नथमल डिडेल ने नए शिक्षा सत्र 2017-18 औसत से कम परिणाम रहने वाले विद्यालयों के अलावा अन्य सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परिणाम बेहतर करने के लिए अभी से कार्य योजना बनाकर उस पर कार्य शुरू करने के निर्देश प्रदेश के समस्त डीडी और डीईओ को जारी किए हैं।


प्रभारी करेंगे नियुक्त


विद्यालय का परिणाम न्यून देने वाले विद्यालयों  चिन्हित किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके बाद इन विद्यालयों के लिए एक प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। वह इन विद्यालयों की लगातार मॉनिटरिंग करेगा।


लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं


'प्रयास' के तहत विद्यालयों में जिन विषयों में विद्यार्थी कमजोर हैं। उनको पहले से ही चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद इन विद्यार्थियों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर इन्हे मजबूत बनाया जाएगा ताकि परीक्षा परिणाम बेहतर रह सके। शीतकालीन सत्र के बाद यूनिट टेस्ट के माध्यम से बच्चों को उपचारात्मक शिक्षण भी कराया जाएगा।


30 का परिणाम न्यून


शिक्षा निदेशालय ने न्यून परिणाम वाले विद्यालयों की सूची जारी की है। जिसमें चूरू जिला भी शामिल है। जिले में सैकण्डरी के 27 और सीनियर सैकण्डरी के सात विद्यालयों का परिणाम औसत से न्यून रहा है। इसके अलावा बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर जिले के 46 और हनुमानगढ़ जिले के नौ विद्यालय इस सूची में शामिल है।


पाठ्यक्रम पूरा कराने के निर्देश


निदेशक डिडेल ने अद्र्धवार्षिक परीक्षा से पहले ही बोर्ड का पाठ्यक्रम पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत भी विद्यालयों में सार्थक कार्य योजना बनाईजाएगी। इसी के आधार पर विद्यार्थियों को अध्ययन कराया जाएगा। ताकि पाठ्यक्रम समय से पूरा हो सके और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।


''औसत से कम परिणाम देने वाले इन विद्यालयों में बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे। वे इन विद्यालयों की मॉनिटरिंग करेंगे। आगामी परिणाम शत प्रतिशत रहे। इसके लिए संबंधित संस्था प्रधानों को जिम्मेदारी दी जाएगी।''

सांवरमल गहनोलिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, चूरू

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