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परिणाम में सरकारी स्कूलों पर भारी निजी

Patrika news network Posted: 2017-05-19 11:42:19 IST Updated: 2017-05-19 11:42:19 IST
परिणाम में सरकारी स्कूलों पर भारी निजी
  • जिले के राजकीय स्कूलों संसाधनों जरूर बेहतर हुए लेकिन शिक्षा का स्तर निजी विद्यालयों से कम ही नजर आया है। इसका जीता जागता उदाहरण है हाल ही में जारी किया गया 12वीं विज्ञान और कॉमर्स का परिणाम।

चूरू

जिले के राजकीय स्कूलों संसाधनों जरूर बेहतर हुए लेकिन शिक्षा का स्तर निजी विद्यालयों से कम ही नजर आया है। इसका जीता जागता उदाहरण है हाल ही में जारी किया गया 12वीं विज्ञान और कॉमर्स का परिणाम। जिसमें निजी विद्यालयों का दबदबा रहा और सरकारी स्कूल पीछे। इस दाग को मिटाने के लिए जिले में कुछ सरकारी विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने आगामी वर्ष के परीक्षा परिणाम के लिए अभी से कमर कस ली है। उन्होंने विद्यालय में दिन में अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर बेहतर परिणाम के लिए विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू कर दिया है। ताकि वे भी निजी विद्यालयों को टक्कर दे सकें।


वर्तमान में तीन विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही है। इनमें राजकीय बागला उच्च माध्यमिक विद्यालय चूरू, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारशहर ताल और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सीतसर, रतनगढ़ की स्कूल शामिल है। 


राजकीय बागला उमावि में विज्ञान विषय का परिणाम करीब एक प्रतिशत ही बढ़ पाया है। इस वर्ष 89.02 प्रतिशत परिणाम रहा जबकि गत वर्ष यह 88 प्रतिशत ही था। इस बार कुल 82 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। जिनमें से 72 विद्यार्थी पास हुए। इस बार विद्यालय में 84 प्रतिशत परिणाम वाला विद्यार्थी टॉप रहा है। गत वर्ष से ही विद्यालय के बेहतर परिणाम के लिए अतिरिक्त कक्षाएं शुरू की गई है।


शुरू की अतिरिक्त कक्षाएं...


इस विद्यालय का विज्ञान वर्ग में परिणाम 79.43प्रतिशत रहा है। इस बार परीक्षा में 141 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 112 पास हुए। इस बार विद्यालय का परिणाम 4.57 प्रतिशत की गिरावट आई। गत वर्ष विज्ञान में यह परिणाम 84 प्रतिशत रहा था। विद्यालय में  विज्ञान की अतिरिक्त कक्षाएं लगाईजा रही है। जिनमें   धीरज शेखावत  भौतिक विज्ञान, प्रमोद सेवदा, जितेन्द्र गौड़ रसायन विज्ञान, आशाराम पाण्डर जीव विज्ञान का अध्ययन सुबह आठ से दोपहर बारह बजे तक करवा रहे हैं।


राजकीय उमावि सीतसर, रतनगढ़


गत वर्ष 10वीं बोर्ड में इस विद्यालय के विद्यार्थी ने तीसरा स्थान हासिल किया था। यह रतनगढ़ तहसील का ऐसा विद्यालय है जहां अनवरत बच्चों की समस्याओं का हल किया जाता है। सुबह सात से 12 बजे तक शिक्षक विद्यालय में रहते हैं। यहां निजी और सरकारी विद्यालय का कोईभी बच्चा विषय से संबंधित जानकारी हासिल करने आता हैतो उसकी समस्या का समाधान मौके पर ही किया जाता है।  विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहनलाल डूडी ने बताया स्कूल के बेहतर परिणाम के लिए यह प्रयास लगातार अनवरत जारी है।


यहां सरकारी विद्यालय का कोई विद्यार्थी पढ़ सकता है


राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारशहर ताल विद्यालय में भी अतिरिक्त कक्षाएं शुरू की गई है। इन कक्षाओं में तहसील क्षेत्रका कोईभी सरकारी विद्यालय का विद्यार्थीआकर अध्ययन कर सकता है। यहां उन्हें विषय से संबंधित समस्याओं के बारे में पूछ सकते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य पूनमचंद भाटी ने बताया कि यह विद्यालय नोडल विद्यालय है। जहां आए दिन प्रशिक्षण आदि कार्य होते रहते हैं। इसके अलावा जरूरतमंद वर्ग के विद्यार्थी यहां अध्ययन करते हैं। ऐसे में विद्यालय के परिणाम में गिरावट आई है।

''जिले के राजकीय उमावि स्कूलों में बेहतर परिणाम के लिए अतिरिक्त कक्षाएं शुरू की गई है। बच्चों को यहां विषय से संबंधित बारीकियां शिक्षकों की ओर से बताई जा रही है। इसके अलावा प्रारंभिक शिक्षा के लिए भी अतिरिक्त कक्षाओं की योजना बना ली गई है। शीघ्र ही इसे लागू किया जाएगा।''

तेजपाल उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, चूरू

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