जिला खेल स्टेडियम में तरणताल शुरू करने की कवायद

Patrika news network Posted: 2017-05-18 23:41:43 IST Updated: 2017-05-18 23:41:43 IST
जिला खेल स्टेडियम में तरणताल शुरू करने की कवायद
  • करीब ढाई साल से बंद पड़े तरणताल का मामला पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद तरणताल को चलाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

चूरू

करीब ढाई साल से बंद पड़े तरणताल का मामला पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद तरणताल को चलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। क्रीड़ा परिषद के एईएन की ओर से बुधवार को किए गए निरीक्षण के बाद गुरुवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम ने कार्य शुरू करवा दिया। फिल्टर प्लांट का थ्री फेज बिजली कनेक्शन कर स्वीमिंग पूल में फिल्टर प्लांट की टेस्टिंग की। लेकिन ट्यूबवैल से फिल्टर प्लांट के कुंड में पानी कम आने के कारण टीम को कड़ी मशक्त करनी पड़ रही है।


तरणताल में फिल्टर प्लांट लगाने वाली फर्म जगदीश इलेक्ट्रिक स्टोर चूरू के प्रतिनिधि महेश कुमार ने बताया कि करीब ढाई साल पहले सिंगल फेज कनेक्शन से केवल प्लांट की मोटरों की टेस्टिंग की थी। तरणताल में पानी नहीं होने से वाटर सप्लाई की टेस्टिंग नहीं की जा सकी। थ्री फेज कनेक्शन नहीं होने से उस समय प्लांट का बिजली कनेक्शन नहीं किया जा सका। तत्कालीन जिला खेल अधिकारी उदयभान ने कहा था कि आप को जब जरूरत होगी बुला लेंगे। थ्री फेज कनेक्शन और टेस्टिंग के लिए आज तक उन्हे ना ही खेल विभाग ने और ना ही सानिवि ने बुलाया। फिल्टर प्लांट के लिए 16 लाख रुपए था का टेंडर जारी हुआ था। बुधवार को उन्हे सूचना दी गई। इसके बाद वे जयरपुर से एक्सपर्ट बुलाकर फिल्टर प्लांट का थ्री फेज कनेक्शन और वॉटर सप्लाई की टेस्टिंग करवा दी गई। लेकिन ट्यूबवैल से पानी कम प्राप्त हो रहा है। पानी भरने के बाद ही सुचारू टेस्टिंग होगी। उसके लिए प्रयास किया जा रहा है। प्लांट का नियति संचालन जरूरी है।


पहले से था कनेक्शन


मीडिया व अधिकारियों को पहले बताया गया कि फिल्टर प्लांट से पानी का कनेक्शन नहीं है। लेकिन टेस्टिंग के दौरान कनेक्शन सही पाया गया। टेस्टिंग टीम के कुछ लोगों ने बताया कि ट्यूबवैल की मोटर की क्षमता कम होने से पानी कम मिल रहा है। बिजली का व्यवस्थित कनेक्शन नहीं होने से यह समस्या हुई।


32 लाख लीटर की क्षमता का है तरणताल


तरणताल का कार्य कराने वाली फर्म के प्रतिनिधि रोशन भाटी ने कहा कि स्वीमिंग पूल की क्षमता 32 लाख 60 हजार लीटर की है। इसके भरने में समय लगेगा। करीब ढाई साल पहले हमने तरणताल की टेस्टिंग करवाकर तत्कालीन खेल अधिकारी उदयभान सिंह को हस्तांतरित कर दिया था। खेल विभाग ने उसकी सार संभाल नहीं की इसके कारण उन्हे गारंटी अवधि समाप्त होने के बाद भी काम करना पड़ रहा है। जबकि पिछले साल मरम्मत के बाद उनकी तरफ से लिखकर दिया गया था कि अब वे काम नहीं करेंगे। गारंटी अवधि पिछले साल ही समाप्त हो गई थी। गलती किसी और की सजा उन्हें दी जा रही है। मुझ पर दबाव डालकर जबरन काम करवाया जा रहा है। उनकी तरफ से तरणताल में हजारों रुपए की टाइल्स का काम करवाया गया था जिसका भुगतान भी उन्हें नहीं मिला।


फिल्टर प्लांट की पाइपों का टूटना बड़ा सवाल


तरणताल के कुंड में फिल्टर प्लांट की तीनों मोटरों के अलग-अलग कनेक्शन थे। लेकिन दो कनेक्शनों की पाइप टूटी हुई थी। जबकि कुंड पर हर समय ताला लगा हुआ रहता है। ऐसे में कुंड के अंदर पाइपों का टूटना बड़ा सवाल खड़े करता है।


कर दिया कनेक्शन


आज पहली बार की टेस्टिंग

स्वीमिंग पूल  व फिल्टर प्लांट की टेस्टिंग के लिए सानिवि अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे गए लेकिन उन्होंने मेरी बात को गंभीरता से नहीं लिया जिसका नतीजा आज तक तरणताल शुरू नहीं हो सका। बुधवार को पहली बार कनेक्शन कर व्यवस्थित तरीके से वाटर सफ्लाई की टेस्टिंग की गई। लेकिन अभी भी कुछ कमी दिख रही है 

ईश्वरसिंह लांबा, जिला खेल अधिकारी, चूरू


फिल्टर प्लांट से बिजली का थ्री फेज कनेक्शन आज करवा दिया गया है। इसके अलावा स्वीमिंग पूल में पानी डलवाकर टेस्ट शुरू करवा दिया गया है। स्वीमिंग पूल में पानी होना बहुत जरूरी है।

रवि चौधरी, एईएन, विद्युत विंग, सानिवि


नहीं हुआ हस्तांतरण


हमारी तरफ से जो काम करना था वह करवा दिया गया लेकिन खेल विभाग ने उसकी सुपुर्दगी नहीं ली। सूचना मिलने पर उन्होंने एईएन व ठेकेदार को बोल दिया है। गुरुवार को उसकी टेस्टिंग करवा दी गई है। हैंडवोअर व टेकेन वोअर की प्रक्रिया अभी तक बाकी है।

कमलसिंह एक्सईएन, बिजली विंग, सानिवि

rajasthanpatrika.com

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