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खुदरा मंहगाई गिरने से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद बढ़ी

Patrika news network Posted: 2017-07-13 16:41:20 IST Updated: 2017-07-13 16:41:20 IST
खुदरा मंहगाई गिरने से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद बढ़ी
  • खुदरा मंहगाई के जून-17 आंकड़े आने वाले दिनों में राहत भरे हो सकते हैं। खुदरा मंहगाई के घटने और औद्योगिक उत्पादन के गिरने से रिजर्व बैंक पर ब्याज दरें कम करने का दबाव बना गया है। जून माह के बुधवार को आए खुदरा मंहगाई के आंकड़ों में यह 1999 के बाद के सबसे निचले स्तर 1.54 प्रतिशत रह गई।

नई दिल्ली।

खुदरा मंहगाई के जून-17 आंकड़े आने वाले दिनों में राहत भरे हो सकते हैं। खुदरा मंहगाई के घटने और औद्योगिक उत्पादन के गिरने से रिजर्व बैंक पर ब्याज दरें कम करने का दबाव बना गया है। जून माह के बुधवार को आए खुदरा मंहगाई के आंकड़ों में यह 1999 के बाद के सबसे निचले स्तर 1.54 प्रतिशत रह गई। वहीं, मई में औद्योगिक उत्पादन 1.7 प्रतिशत रह गया। 


रिजर्व बैंक अगले महीने अपनी द्वैमासिक ऋण नीति की समीक्षा करेगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम ने कहा कि खुदरा मंहगाई में रिकॉर्ड गिरावट अर्थव्यवस्था के एकीकरण की प्रकिया में टिकाव और मजबूती का परिचायक है। सुब्रमणियम ने कहा कि खुदरा मंहगाई की यह स्थिति इससे पूर्व 1999 और 1978 में सामने आई थी। रिजर्व बैंक ने ब्याज दर में पिछली कटौती गत साल चार अक्टूबर को 0.25 प्रतिशत की थी, उस समय मंहगाई 4.40 प्रतिशत थी। खुदरा मंहगाई के घटने से उम्मीद की जा रही है कि बैंक दो अगस्त को ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है।


केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून में खाद्य पदार्थों की खुदरा महंगाई दर शून्य से 2.12 प्रतिशत नीचे दर्ज की गई। इस साल मई में यह 2.18 प्रतिशत और खाद्य महंगाई दर 1.05 प्रतिशत रही थी जबकि पिछले साल जून में ये क्रमश: 5.77 प्रतिशत और 7.79 प्रतिशत थीं। पिछले साल जून की तुलना में इस साल जून में दालों की कीमतों में 21.92 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान सब्जियों के दाम 16.53 प्रतिशत घटे। दालों और सब्जियों के साथ मसालों के दाम 0.79 प्रतिशत और अंडों के 0.08 प्रतिशत घटे हैं। अन्य खाद्य पदार्थों की महँगाई दर भी कम रही। 


अनाज तथा इनसे बने उत्पाद पिछले साल जून के मुकाबले 4.39 प्रतिशत, मांस तथा मछलियां 3.49 प्रतिशत, दूध तथा अन्य डेयरी उत्पाद 4.15 प्रतिशत, तेल एवं वसायुक्त पदार्थ 2.34 प्रतिशत, फल 1.98 प्रतिशत तथा चीनी उत्पाद 8.74 प्रतिशत महंगे हुए हैं। बिना अल्कोहल वाले पेय पदार्थों की महंगाई दर 2.81 प्रतिशत और तैयार खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.92 प्रतिशत रही। पान, तंबाकू तथा अन्य नशीले उत्पादों की महंगाई दर 5.62 प्रतिशत रही। 


कपड़े तथा जूते चप्पल 4.17 प्रतिशत, आवास 4.70 प्रतिशत तथा बिजली एवं ईंधन 4.54 प्रतिशत महंगे हुए। सेवाओं में स्वास्थ्य सेवाएँ 3.55 प्रतिशत, परिवहन एवं संचार 2.01 प्रतिशत, मनोरंजन के साधन 3.45 प्रतिशत, शिक्षा 4.39 प्रतिशत महंगी हुई है। घरेलू वस्तुओं एवं सेवाओं की महंगाई दर 3.80 प्रतिशत और सौंदर्य उत्पादों की 3.49 प्रतिशत रही है। 


मई में औद्योगिक उत्पादन में नरमी देखी गई और यह मात्र 1.7 प्रतिशत बढ़ा। इससे भी आरबीआई पर नीतिगत दरों में कटौती का दबाव बना है। अप्रैल 2017 में आईआईपी की दर 3.1 प्रतिशत रही थी। पिछले साल की मई की तुलना में मई 2017 में आईआईपी में तेजी आयी है। आईआईपी सूचकांक में शामिल 23 उद्योग समूहों में से 12 में बढ़त रही है। 

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