अब मिलेगी ताउम्र टैक्स देने वाले बुजुर्गों को बीमा-पेंशन!

Patrika news network Posted: 2017-03-16 10:37:38 IST Updated: 2017-03-16 10:37:38 IST
अब मिलेगी ताउम्र टैक्स देने वाले बुजुर्गों को बीमा-पेंशन!
  • नियमित तौर पर टैक्स अदा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा व पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव...

नई दिल्ली।

कालेधन पर गठित जस्टिस एमबी शाह की अगुवाई वाली एसआईटी ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर लगने वाले मोटे ट्रांजेक्शन चार्ज पूरी तरह समाप्त करने की सिफारिश की है। वहीं एसआईटी ने नियमित तौर पर टैक्स अदा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा व पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का सुझाव दिया है। अहमदाबाद में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की बैठक में विचार हुआ था।

बुजुर्गों के लिए सुविधाएं

समिति ने नियमित रूप से टैक्स चुकाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को कुछ सुविधाएं दिए जाने का सुझाव दिया। एसआईटी में उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार समिति के प्रमुख ने 20 लाख या इससे ज्यादा की आय पर नियमित टैक्स देने वालों को चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं देने का सुझाव दिया है। 

आरबीआई ने की कटौती

कैशलेस ट्रांजेक्शन के तहत रिजर्व बैंक ट्रांजेक्शन चार्ज में बड़ी कटौती कर चुका है। डेबिट कार्ड से 1,000 रु.तक के भुगतान पर 0.25 प्रतिशत, 2,000 तक 0.50 प्रतिशत, 2,000 रु. से ज्यादा पर 1 प्रतिशत, क्रेडिट कार्ड से 1,000 रु. के लेनदेन पर 25 रु. एमडीआर तय किया है। 

बैंक कर रहे विरोध

बैंक लगातार ट्रांजैक्शन चार्ज को समाप्त करने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेमेंट गेटवे कंपनियां ऑनलाइन लेनदेन में वेंडर की भूमिका निभाती हैं और प्रत्येक लेनदेन पर उनकी लागत चुकाने के लिए बैंकों को उन्हें पैसा देना होता है।

लेवी से लोग परेशान

बैंक अब नकद जमा-निकासी पर भी चार्ज वसूल रहे हैं। एटीएम से निकासी पर भी बैंकों की नजर टेढ़ी है और लोगों को सीमित संख्या में निकासी करने पर मजबूर किया जा रहा है।

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