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नेट नहीं मिलने से बेजान हुए मोबाइल, लोग परेशान

Patrika news network Posted: 2017-07-14 11:19:35 IST Updated: 2017-07-14 11:19:35 IST
नेट नहीं मिलने से बेजान हुए मोबाइल, लोग परेशान
  • इंटरनेट सेवा ठप होने से खासकर मोबाइल फोन से होने वाले कारोबार और सोशल लाइफ की सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जबरदस्त असर पड़ा है।

दिनेश स्वामी/ बीकानेर.

आनंदपाल एनकाउंटर को लेकर मचे बवाल के चलते प्रशासन ने दो दिन से नेटबंदी कर रखी है। इससे अफवाहों पर कितना अंकुश लगा, इसका आकलन तो भले ही बाद में होगा, लेकिन इंटरनेट सेवा ठप होने से खासकर मोबाइल फोन से होने वाले कारोबार और सोशल लाइफ की सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जबरदस्त असर पड़ा है। 



एक अनुमान के मुताबिक रेलवे से लेकर रोडवेज तक, शेयर मार्केट से सर्राफा तक, ऑनलाइन खरीदारी से वेबसाइटों और पोर्टल के कारोबार को करोड़ों रुपए की चपत लगी है। नेटबंदी को जिला कलक्टर ने 21 घंटे और बढ़ाते हुए शुक्रवार रात नौ बजे तक कर दिया है।


तीसरे दिन भी इंटरनेट बंद

जिला प्रशासन ने 11 जुलाई को शाम 5 बजे इंटरनेट सेवाएं बंद करवा दी। इसके बाद 12 जुलाई की मध्यरात्रि को प्रशासन ने नेटबंदी को फिर गुरुवार रात 9 बजे तक बढ़ा दिया। अब इंटरनेट पर प्रतिबंध शुक्रवार रात 9 बजे तक बढ़ा दिया है।

बेजान हुए मोबाइल

नेटबंदी को गुरुवार शाम तक 48 घंटे पूरे हो गए। अभी यह 21 घंटे और जारी रहेगी। अधिकतर उपभोक्ता मोबाइल सिम कार्ड अथवा डोंगल के माध्यम से मोबाइल पर इंटरनेट सेवा लेते हैं। एेसे में 11 जुलाई से एन्ड्रॉइड मोबाइल की बोलती बंद है। 



डाटा खपत को झटका

इंटरनेट सेवा बंद होने से मोबाइल नेटवर्क प्रदात्ता कम्पनियों को सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। मोबाइल पर रोजाना लाखों जीबी डाटा की खपत हो रही थी। नेटबंदी से डाटा खपत को बड़ा झटका लगा है।



10% ब्रॉडबैंड यूजर

इंटरनेट का उपयोग करने वाले आम लोगों में दस प्रतिशत से भी कम लोग ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा का उपयोग करते हैं। इस सेवा को नेटबंदी से अलग रखा गया है। हालांकि कार्यालयों और बड़े कारोबारियों के संस्थानों में अथवा कुछ घरों में ब्रॉडबैंड सेवा जरूर है।

किस पर कितना हुआ असर

शेयर मार्केट और बाजार 75-85%

कैसे - कमोडिटी और शेयर मार्केट से जुड़े व्यापारी पल-पल बदलते भावों पर मोबाइल से नजर रखते हैं। इंटरनेट बंदी से वह भाव नहीं देख पाए। इससे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

जबरदस्त असर प्रभाव - 

नेटबंदी का शेयर और कमोडिटी मार्केट के कारोबार पर जबरदस्त असर हुआ है। बीकानेर जिले में रोजाना एक हजार करोड़ से अधिक का कारोबार सीधे तौर पर होता है। दो दिन में ही व्यापार पर वॉल्यूम बुरी तरह गिरा है। 

पुखराज चौपड़ा, कमोडिटी कारोबारी, बीकानेर

सोशल मीडिया :- प्रभाव - 85-95%

कैसे - नेटबंदी ने सबसे अधिक असर लोगों की सोशल लाइफ पर डाला है। वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और चैटिंग के अन्य माध्यम बेजान हो गए हैं। बीते चौबीस घंटे में सोशल मीडिया पर खामोशी छाई हुई है। 

सभी को दंडित करना उचित नहीं

हमारा यूथ ग्रुप दिनभर सोशल मीडिया के माध्यम से ही एक-दूसरे से सम्पर्क में रहता है। दो दिन की नेटबंदी से हमारी सोशल लाइफ बेजान होकर रह गई है। अफवाह फैलाने वाले गिने-चुने लोग ही होते हैं। इसके लिए सभी को दंडित करना ठीक नहीं। 

गायत्री राठौड़, कॉलेज छात्रा, बीकानेर

रेल-बस सेवा:- प्रभाव - 60-65त्न

कैसे - ट्रेनों की लोकेशन, टिकट बुकिंग और स्टेटस का पता यात्री इंटरनेट के माध्यम से करने लगे हैं। नेटबंदी से यात्रियों को परेशानी हुई है। खासकर ट्रेनों के समय और स्टेटस का पता करने में दिक्कत हुई। इसी तरह निजी बसों और रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले भी नेटबंदी से परेशान हुए।

ऑनलाइन बुकिंग नाममात्र की

&बीते दो दिन में ऑनलाइन सीट और स्लीपर की बुकिंग नाममात्र की रह गई है। हालांकि काउंटर पर आकर अथवा टेलीफोन के माध्यम से टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा रही।

साहबराम, ट्रैवल्स एजेंसी संचालक, बीकानेर

ऑनलाइन:- प्रभाव - 40-50%

कैसे - ऑनलाइन कारोबार शतप्रतिशत इंटरनेट पर निर्भर है। नेटबंदी से लोग मोबाइल पर खरीदारी के दौरान प्रोडक्ट की ऑनलाइन रेट आदि का पता नहीं कर पाए। इसकी के साथ ऑनलाइन खरीदारी पर भी जबरदस्त असर देखने को मिला है। गैजेट्स, रेडीमेड और इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी गिरी है।

वेब और पोर्टल:- प्रभाव - 65-75%

कैसे - मोबाइल पर इंटरनेट सेवा ठप होने से वेबसाइटों और वेबपोर्टल पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। खासकर मीडिया पोर्टल और वेबसाइट पर व्यूवर्स गायब हो गए हैं। इसी तरह जिलेभर में ई-मित्र सेवाओं पर असर पड़ा है। अधिकतर ई मित्र सेंटरों पर दो दिन से काम ठप है। ई-मेल और बैंकिंग सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

एक दिन और बढ़ाया इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध

कुख्यात अपराधी आनंदपाल प्रकरण को लेकर गलत कमेंट और अफवाहों को रोकने के लिए बंद की गई इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध गुरुवार को फिर एक दिन बढ़ा दिया गया है।  जिला मजिस्ट्रेट ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निषेधाज्ञा की अवधि को  14 जुलाई की रात नौ बजे तक  बढ़ाया है।    

अनिल गुप्ता, जिला कलक्टर

rajasthanpatrika.com

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