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बाड़मेर में रेलवे क्रासिंग का रास्ता बंद, गांवों का संपर्क कटा, जानिए ग्रामीणों की जुबानी

Patrika news network Posted: 2017-06-19 20:11:57 IST Updated: 2017-06-19 20:11:57 IST
बाड़मेर में रेलवे क्रासिंग का रास्ता बंद, गांवों का संपर्क कटा, जानिए ग्रामीणों की जुबानी
  • -दस साल पहले लाइन परिवर्तन के समय से बंद है मार्ग

बाड़मेर.

जिले के गोल एवं भीमरलाई रेलवे स्टेशन के मध्य बनी रेलवे क्रासिंग को रेलवे ने मीटरगेज से ब्रोडगेज लाइन परिवर्तन करते समय बंद कर दिया। इस क्रासिंग के बंद होने से एक दर्जन गांवों का संपर्क कट गया। इन गांवों के लिए क्रासिंग के रास्ते से आना जाना था। अब कोई पांच तो कोई सात किलोमीटर का चक्कर काटकर दूसरे रास्तों से आना-जाना करते हैं। लोग जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हंै लेकिन समस्या का हल नहीं निकल रहा है। रेलवे क्रासिंग का रास्ता फिर से खोला जाए तो ग्रामीणों की समस्या का समाधान निकले।


ह गांव हो रहे हैं प्रभावित

चांदेसरा, नोसर, नया सोमेसरा, खट्टू, गोल स्टेशन, दूदवा, भीमरलाई ग्राम पंचायतों से जुड़े करीब चालीस गांव के अलावा आसपास के एक दर्जन ग्राम पंचायतों के गांव इसी रेलवे क्रासिंग के रास्ते से एक दूसरे से जुड़े़ हुए थे। लेकिन अब इन गांवों के लोगों को दूसरे रास्तों से चक्कर निकालते हुए पहुंचना पड़ रहा है। जिससे समय और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। 


ग्रामीणों की जुबानी

-यह रेलवे क्रासिंग शुरू होना जरूरी है। रेलवे और सरकार के लिए यह मामूली काम है लेकिन एक दर्जन गांवों के सैकड़ों लोगों के लिए जीवनभर का सुख होगा।- संजयप्रतापसिंह, सरपंच चांदेसरा

-रेलवे क्रासिंग फिर शुरू होती है तो किसानों को फायदा होगा। खेती के लिए निकलने वाले किसान और पशुपालक प्रतिदिन चार से पांच किलोमीटर का चक्कर काटते हैं।-खेमीदेवी सरपंच खट्टू

-रेलवे क्रासिंग पहले थी। तब पूरी सहूलियत थी। बंद करने पर भी लोगों ने मना किया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब इसे शुरू किया जाए तो लोगों को फायदा मिलेगा। -गंगाराम बाना, सरपंच दूदवा

-रेलवे पटरियों से जुड़े गांवों का समूह है। जहां पर रेल के अलावा आवागमन के अन्य साधनों का आना-जाना है। क्रासिंग बंद होने लम्बे रास्ते से वाहन पहुंचते हैं।  -चोखाराम मेघवाल, सरपंच गोल

-ग्रामीणों की यह मांग प्राथमिकता से है और जनप्रतिनिधियों को भी बार-बार अवगत करवाया है। इस समस्या के कारणदर्जनों गांव के लोग परेशान हो रहे हैं।- शंकरलाल मेघवाल, सरपंच नोसर

-यह मामला ग्राम पंचायत स्तर का नहीं है। जनप्रतिनिधि, विधायक और सांसद मदद करें तो ग्रामीणों की समस्या का हल हो सकता है। रेलवे क्रासिंग निकलनी चाहिए।- सरपंच हीरोदेवी, नया सोमेसरा


एक नजर

- 12 ग्राम पंचायतें जुड़ी है रेलवे क्रासिंग के रास्ते से

- 24 हजार से अधिक की आबादी का सीधा जुड़ाव

- 03 विधानसभा क्षेत्रों सिणधरी, पचपदरा और बायतु की है ग्राम पंचायतें

- 10 साल से बंद है रेलवे क्रासिंग

rajasthanpatrika.com

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