कम ठहराव, ऊंचे कोच और जान जोखिम में!

Patrika news network Posted: 2017-05-19 11:52:01 IST Updated: 2017-05-19 11:52:01 IST
कम ठहराव, ऊंचे कोच और जान जोखिम में!
  • - जोधपुर-बाड़मेर रेल मार्ग पर प्लेटफार्म का अभाव, क्रासिंग में दूसरी-तीसरी रेल लाइन पर रेलगाड़ी खड़ी रहने पर हजारों यात्री उठाते हंै परेशानी, बढ़े रेल आवागमन पर प्लेटफार्म बनाकर हजारों जनों को उपलब्ध करवाई जा सकती है अच्छी सुविधा

बाड़मेर.

जोधपुर-बाड़मेर रेलमार्ग के रेल स्टेशनों पर सिंगल यात्री प्लेटफार्म हजारों यात्रियों के लिए सिरदर्द बने हुए हंै। बीते वर्षों में यहां रेल आवागमन में बढ़ोतरी हुई है। एेसे में क्रॉसिंग के दौरान ट्रेनों के दूसरी पटरी पर खड़ी हो जाने से रेलगाड़ी में सवार होने को लेकर यात्रियों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। रेलगाडिय़ों के कम ठहराव व इनके ऊंचे कोच पर सवार होने की आपाधापी में कई जने नीचे भी गिर जाते हैं। कई वर्षों से रेल प्लेटफार्म बनाने की जरूरत के बावजूद रेलवे ध्यान नहीं दे रहा है। इससे यात्रियों में रोष है।


करीब सौ साल से अधिक पुराने इस रेलमार्ग के विकास को लेकर रेलवे ने आंखें मंूद रखी है। इस पर रेलयात्रा के दौरान हर दिन हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। इस रेलमार्ग पर यात्री प्लेटफार्म का अभाव यात्रियों के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है, लेकिन रेलवे है कि यात्रियों की परेशानी को समझ ही नहीं रहा।


क्रॉसिंग के दौरान हो जाती है समस्या

समदड़ी-भीलड़ी रेल आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण होने के बाद समदड़ी-जोधपुर रेल मार्ग अधिक व्यस्त हो गया है। हर आधे-पौन घंटे बाद रेलगाडिय़ों की आवाजाही होती है। ऐसे में यहां क्रॉसिंग के दौरान दूसरी रेल लाइन पर खड़ी रेलगाड़ी में सवार होने व उतरने को लेकर हर दिन हजारों यात्रियोंं को परेशानी उठानी पड़ती है। दूसरी लाइन पर प्लेटफार्म अभाव में गत एक दशक से यात्री परेशानी उठा रहे हैं।

उतरना-चढऩा मुश्किल, यात्री होते हैं चोटिल

रेल स्टेशनों पर क्रॉसिंग के समय बाद में आने वाली रेलगाड़ी दूसरी तो तीसरी रेललाइन पर खड़ी रहती है। इन रेललाइन के पास कंकरीट बिछी होने पर यात्रियों के खड़े रहने पर यह फैलती है। इससे संतुलन बिगड़ जाता है। रेलगाड़ी के कम ठहराव पर यात्रियों के उतरने व सवार होने में आपाधापी मच जाती है। ब्रॉडगेज रेलगाड़ी के डिब्बे ऊंचे होने से विशेषकर बच्चों, महिलाओं व बुर्जुगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई जने संतुलन खोकर धड़ाम से नीचे गिर जाते हैं।

रेलवे की कंजूसी व अनदेखी भारी

इस मार्ग पर आगामी वर्षों में रेल यातायात करीब दोगुना हो जाएगा। इससे यात्री भार भी बढ़ेगा, लेकिन रेलवे इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारों के अनुसार अजमेर खंड के बड़े-छोटे रेल स्टेशनों पर रेलवे ने दूसरी, तीसरी रेल लाइन पर यात्री प्लेटफार्म बना रखे हंै, लेकिन रेलवे ने इस मार्ग की अनदेखी कर रखी है। रेलवे की कंजूसी यात्रियों पर हर दिन भारी पड़ रही है।

पसीने छूट जाते हैं

कामकाज को लेकर महिने मेें कईबार जोधपुर-बालोतरा आना-जाना पड़ता है। रेल क्रासिंग समय दूसरी रेल लाइन पर खड़ी रेलगाड़ी में सवार होने तो उतरने पर पसीने छूट जाते हैं।- मंगलाराम धूणिया

जान पर बन आती है

रेलवे यात्री सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है। दूसरी लाइन पर खड़ी गाड़ी में बच्चों सहित इसमें सवार होना बड़ी चुनौती होता है। कम ठहराव व ऊंचे डिब्बों पर उतरने व सवार होने में जान पर बन आती है।- वीणा व्यास

होती है परेशानी

रेल आमान परिवर्तन पर रेलमार्ग पर रेल आवागमन बढ़ा है। दिन में कई बार क्रासिंग होने पर दूसरी-तीसरी रेल लाइन पर रेलगाड़ी खड़ी रहती है। इस पर इसमें सवार होने को लेकर अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। रेलवे प्लेटफार्म बनने चाहिए।-रतनलाल राव

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