Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

पत्रिका की खबर का बड़ा असर : 5 साल बाद लीला को मिलेगा 4.5 लाख मुआवजा

Patrika news network Posted: 2017-07-14 10:45:47 IST Updated: 2017-07-14 10:45:47 IST
पत्रिका की खबर का बड़ा असर : 5 साल बाद लीला को मिलेगा 4.5 लाख मुआवजा
  • - पत्रिका की पैरवी का असर:- करंट से कट गए थे दोनों हाथ, मुआवजे को लेकर अनभिज्ञ था परिवार

बाड़मेर.

पांच साल पहले करंट से अपने दोनों हाथ खो चुकी मासूम लीलाकंवर को डिस्कॉम साढ़े चार लाख रुपए मुआवजा देगा। पत्रिका की लगातार पैरवी के बाद उसे मुआवजा राशि मिल रही है।


हापों की ढाणी निवासी भूरसिंह की पुत्री लीलाकंवर के 23 सितंबर 2003 को करंट आ गया। उसे उपचार के लिए बाड़मेर के बाद अहमदाबाद ले गए। वहां मासूम के दोनों हाथ काटने पड़े। भूरसिंह पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा । अभिभावकों की निरक्षरता, जागरुकता की कमी और दु:ख में कुछ नहीं सूझने की स्थिति में उन्होंने ध्यान नहीं दिया। 


मासूम लीलाकंवर हादसे से उबर स्कूल जाने लगी और यहां उसने हाथों की बजाय पांवों से लिखने का हौसला दिखाया। शिक्षा विभाग की एक योजना में उसे कृत्रिम हाथ लगा दिए लेकिन कुछ दिनों बाद यह हाथ खूंटी पर टांग दिए गए। 23 अगस्त 2016 को पत्रिका टीम को लीला के कृत्रिम हाथ खूंटी पर टंगने की जानकारी मिली। पड़ताल की तो पता चला कि मासूम को डिस्कॉम की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिला है और न ही अन्य कोई सरकारी मदद।


पत्रिका के आह्वान पर 1 लाख 11 हजार की मदद

पत्रिका ने 23 अगस्त 2016 के अंक में मासूम से जुड़ा मानवीय संवेदना का समाचार प्रकाशित किया तो शहर के कई संगठन आगे आए और 1 लाख 11 हजार रुपए उसके पिता को सौंपे।


जारी रखी पैरवी

पत्रिका ने सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी, विधायक मेवाराम जैन, शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह, ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह और डिस्कॉम के अधिकारियों से बात कर पैरवी की। ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेन्द्रसिंह ने करीब दो माह पूर्व डिस्कॉम से लीला के करंट से हाथ कटने के मामले की रिपोर्ट मांगी। ऊर्जा राज्यमंत्री के दखल के बाद डिस्कॉम ने बालिका के लिए 4 लाख 50 हजार रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की है। 

rajasthanpatrika.com

Bollywood