होली के रंगों में सराबोर हो उठे थारवासी, रंग से भरी पिचकारियों ने किया धमाल

Patrika news network Posted: 2017-03-14 12:01:53 IST Updated: 2017-03-14 12:01:53 IST
होली के रंगों में सराबोर हो उठे थारवासी, रंग से भरी पिचकारियों ने किया धमाल
  • -पारम्परिक रूप से हुआ होली दहन, थार में रंगोत्सव सम्पन्न, घोड़े पर बैठकर आए नन्हे दुल्हे, धूलंडी पर रामाशामा का चला दौर

बाड़मेर.

जिले भर में रंगो का त्यौहार होली परम्परागत तरीके खुशी व हर्षोल्लास से मनाया गया। शाम के समय शुभ मुहूर्त में होलिका का दहन किया गया।इससे पूर्व महिलाओं व बालिकाओं ने होली का पूजन कर खुशहाली की कामना की। इसके बाद विधि विधान से पूजन कर मंत्रोच्चार के साथ दहन किया गया। बड़े बुजूर्गो ने दहन के समय सगुन देखें। दहन को देखने के लिए सैकड़ों की तादाद मेें महिला पुरूष व बच्चें दिखाई दिए। इस दौरान डीजे व ढ़ोल की थाप पर युवक युवतिया थिरकी नजर आई। तो ग्रामीण अंचलों में चंग पर पुरूषों व महिलाओं ने लूर व नृत्य की प्रस्तुती दी। महिलाओं ने दहन के समय होली के गीत गाकर खुशहाली की कामना की।

खुशहाली की कामना

महिलाओं व बालिकाओं ने दहन से पूर्व गोबर से घरोंदे बनाकर अपने भाईयों के सिर पर होलिका को चढ़ाएं। उन्होनें भाई की लम्बी आयु की कामना की। महिलाओं व बालिकाओं ने होली की परिक्रमा कर खुशहाली की कामना की।

सेल्फी  का छाया क्रेज

शहरभर में होली के समय युवाओं महिलाओं व बच्चोंं ने होली दहन व रंगोत्सव के समय अपने मित्रों व परिचितों के साथ मोबाइल से सेल्फी  ली। बच्चों से लेकर बुजूर्गो तक सेल्फी  का क्रम छाया रहा।

धूलंड़ी पर जमकर बरसे रंग

होली के अगले सोमवार को धूलंड़ी पर जमकर रंग व गुलाल बरसे। बच्चों से महिलाओं व युवतियों के साथ युवाओं ने जमकर इसका आनंद उठाया। इस बार शहर में रंग की बजाय गुलाल लगाने का अधिक क्रेज रहा। हर कोई गुलाल लगाकर बधाई देता नजर आया। युवाओं की टोली डीजे व ढ़ोल के साथ थिरकते हुए मोहल्लें में रंग लगाने के साथ बधाई देते नजर आए।

दिन में चला रामाशामा का दौर

रंगोत्सव के समापन सभी नए वस्त्र पहनकर एक दूसरे के घर पहुंचे। और होली की बधाई दी। इस दौरान घर व बाजार से लाई मिठाईयां परोस कर आने वालों की मनुहार की गई। दिन भर मिठा खाकर उब चुके थार वासियों ने शाम को शहर के गांधी चैक, स्टेशन रोड, रेलवे स्टेशन सहित कई इलाकों में लगी स्टालों पर चटपटे व्यंजनों का आनंद उठाया।

शाम को पहुंचे छोटे दुल्हे

धूलंडी की शाम को जन्म के बाद पहली होली वाले बालकों को घोड़ी पर बिठाकर दहन स्थल पर पहुचें। इस दौरान कई छोटे बालक घोड़ी पर तो कई ढ़ोल व बैंड बाजों के साथ पहुचें। इस दौरान छोटे बालकों का ढुंढ़ महोत्सव मनाया गया। ढुंढ़वाले घर पर अपने परिचितों व रिश्तेदारों के भोजन की व्यवस्था की गई।

पुलिस व्यवस्था चाक चौबंध

होली के दौरान शांति व्यवस्था को सूचारू बनाने के लिए शहर के प्रमुख स्थलों सहित मुख्य बाजार व होली दहन के समय पुलिस व यातायात पुलिस मौजूद रही। शहर के खुले स्थान पर बैठकर शराब पीने व उत्पाद मचाने पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। 

rajasthanpatrika.com

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