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कृषि मंत्री के बयान पर भड़के किसान, बारां में फूंका सैनी का पुतला

Patrika news network Posted: 2017-06-27 21:41:31 IST Updated: 2017-06-27 21:41:31 IST
कृषि मंत्री के बयान पर भड़के किसान, बारां में फूंका सैनी का पुतला
  • कर्ज में डूबे किसानों को सांत्वना और सहायता देने के बजाय कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने विवादास्पद बयान देकर घावों पर नमक छिड़क दिया है। मंत्री के बयान के बाद एक और किसान के आत्म हत्या करने से बारां के किसान भड़क गए और उन्होंने कृषि मंत्री का विरोध करते हुए पुतला तक फूंक दिया।

बारां.

कर्ज से किसानों की आत्महत्या के मामले में प्रदेश के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी के बयान को लेकर किसान संगठनों में आक्रोश भड़क गया है। भारतीय किसान संघ ने मंत्री के बयान की निन्दा करते हुए कहा कि मृतक किसानों के परिजनों से मिले बिना ही सांत्वना व सहायता देने के बजाय घाव पर नमक छिड़कने वाला बयान दिया है। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बयान की निन्दा करते हुए पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया गया।

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भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख सत्यनारायण सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री सैनी ने घाव पर नमक डिछ़कने वाला बयान दिया है। कृषि मंत्री को किसानों की परवाह है तो एक बार कर्ज में मरे किसानों के घरों पर जाकर पता लगाएं। किसान कर्ज की तंगी से मरे है तो मंत्री पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा पूरी करें। कृषि मंत्री ने बयान में गरीब किसानों के दर्द को समझे बिना कहा कि मात्र 40-50 हजार के कर्ज में किसान आत्महत्या कैसे कर सकता है। करोड़ों रुपए की आय वाले मंत्री यह नहीं समझ सकते कि गरीब-भूखे किसान के लिए सौ रुपए भी बड़ी राशि होती है। मंत्री को किसानों की पीड़ा समझनी चाहिए तथा नैतिकता व मानवीय मूल्यों के आधार पर पीडि़त परिवार की मदद करना चाहिए।



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नारेबाजी कर किया प्रदर्शन

इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पानाचन्द मेघवाल के नेतृत्व में मंगलवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रताप चौक पर नारेबाजी करते हुए कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का पुतला फूंककर उनके बयान का विरोध किया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मेघवाल ने कहा कि राज्य के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का यह कहना कि किसी किसान ने कृषि ऋण के कारण आत्महत्या नहीं की है, दुर्भाग्यपूर्ण बयान है। किसानों की पीड़ा को समझे व जाने बगैर स्तरहीन बयान देना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।


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इस्तीफा दे कृषि मंत्री

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद भाया ने कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि इस साल प्रदेश में 65 से अधिक तथा हाड़ौती में पिछले दिनों ही पांच किसान आत्महत्या कर चुके हैं। परंतु कृषि मंत्री प्रभूलाल सैनी मानवता भूल चुके हैं। इन पीडि़त परिवारों को आर्थिक सहायता देना तो दूर कृषि मंत्री पीडि़त परिवारों को दिलासा देने उनके आवास पर भी नहीं गए।  राज्य की भाजपा सरकार जिला प्रशासन पर दबाव बनाकर झूठे प्रशासनिक प्रतिवेदन तैयार कराकर कर्ज व फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों की आत्महत्या को गृह कलेश एवं बीमारी से मृत्यु होना बता रही है, जो घोर निंदाजनक है। झालावाड़ जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष तो पीड़ित किसानों के परिजनों को धमकाने के लिए उनके घर तक पहुंच रहे हैं। 

rajasthanpatrika.com

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