Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

शनिदेव को प्रसन्न करने के कुछ आसान मंत्र और पूजा के सरल उपाय

Patrika news network Posted: 2017-05-25 08:26:29 IST Updated: 2017-05-25 08:26:29 IST
शनिदेव को प्रसन्न करने के कुछ आसान मंत्र और पूजा के सरल उपाय
  • शनि जयंती पर कुछ खास उपाय भी किए जा सकते हैं। जैसे कल सूर्योदय से पहले शरीर पर तेल मालिश करने के बाद स्नान करें।

जयपुर

गुरुवार के दिन शनि जयंती का लाभ लेने के लिए सर्वप्रथम स्नानादि से शुद्ध होकर एक लकड़ी के पाट पर काला कपड़ा बिछाकर उस पर शनिदेव की प्रतिमा या फोटो या एक सुपारी रख उसके दोनों ओर शुद्ध घी व तेल का दीपक जलाकर धूप जलाएं। इस शनि स्वरूप के प्रतीक को जल, दुग्ध, पंचामृत, घी, इत्र से स्नान कराकर उनको इमरती, तेल में तली वस्तुओं का नैवेद्य लगाएं। नैवेद्य के पूर्व उन पर अबीर, गुलाल, सिंदूर, कुंकुम एवं काजल लगाकर नीले या काले फूल अर्पित करें। 

नैवेद्य अर्पण करके फल व ऋतु फल के संग श्रीफल अर्पित करें।  एक माला जाप करें इस पंचोपचार पूजन के पश्चात इस मंत्र का जप कम से कम एक माला से करें।' प्रां प्रीं प्रौ स. शनये नम: माला पूर्ण करके शनि देवता को समर्पण करें। पश्चात आरती करके उनको साष्टांग प्रणाम करें। पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि जिन जातकों को साढ़े साती व अढ़ैया के प्रभाव के साथ ही शनि की महादशा व अंतर्दशा या जन्म कुण्डली में शनि का विषम प्रभाव हो उन्हें इस दिन शनिदेव का तिलाभिषेक अवश्य करना चाहिए। इसके लिए जातक व शनि भक्तों को मध्यान्ह काल में सरसों का तेल, काली उड़द, काली तिल, कोयला चूर्ण से तिलाभिषेक करना चाहिए। साथ ही इस दिन हनुमानजी के साथ ही पीपल व बरगद के वृक्ष का भी पूजन करना चाहिए। हनुमानजी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर विग्रह का लेपन करना भी शनि का प्रकोप कम करता है।

यह भी करें उपाय

शनि जयंती पर कुछ खास उपाय भी किए जा सकते हैं। जैसे कल सूर्योदय से पहले शरीर पर तेल मालिश करने के बाद स्नान करें। इस खास दिन पर ब्रह्मचर्य का पालन करने से लाभ होता है। इस दिन कहीं यात्रा पर नहीं जाना चाहिए। गाय और कुत्तों को तेल में बनी चीजें खिलाने से विशेष लाभ होता है। इस दिन शनि मंदिर में शनिदेव के साथ ही हनुमान जी के दर्शन करना शुभ होता है। शनिवार को हनुमानजी की पूजा और दर्शन से शनिदेव की कृपा प्राप्त हाेती है।  इस दिन शनिदेव की आंखों में नहीं देखना चाहिए। वहीं कोशिश करें कि शनि जयंती पर सूर्य देव की पूजा न करें।


शनिदेव की कृपा के लिए ही शनिदेव की चाल बदलने, शनि महादशा, साढ़े साती या ढैय्या में शनि की कृपा से सौभाग्य, सफलता व सुख की कामना पूरी करने के लिए शास्त्रों में शनि के सरल और सहज नाम मंत्रों का स्मरण मंगलकारी माना गया है। शनि साढ़े साती या ढैय्या से प्रभावित राशि वालों के लिए शनि का स्मरण विशेषरूप से धन, रोजगार व समृद्धि की बाधा दूर कर देता है।


कुछ आसान शनि मंत्र व पूजा के सरल उपाय 

शनिवार को या फिर प्रतिदिन शनि देवालय में शनि देव की काली पाषाण मूर्तियों को सरसो या तिल का तेल, काले तिल, काले वस्त्र, उड़द की दाल, फूल व तेल से बनी मिठाई या पकवान अर्पित कर समृद्धि की कामना से नीचे लिखे सरल शनि मंत्रों का स्मरण करें :


ॐ धनदाय नम:

ॐ मन्दाय नम:

ॐ मन्दचेष्टाय नम:

ॐ क्रूराय नम:

ॐ भानुपुत्राय नम:


पूजा व मंत्र स्मरण के बाद शनि की धूप व तेल दीप से आरती भी करें। दोषों के लिए क्षमा की प्रार्थना करें व प्रसाद ग्रहण करें।

rajasthanpatrika.com

Bollywood