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प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करते हुए सूर्य को चढ़ाएं जल, मिट जाएंगे हर तरह के कष्ट

Patrika news network Posted: 2017-05-28 10:07:43 IST Updated: 2017-06-02 08:38:39 IST
प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करते हुए सूर्य को चढ़ाएं जल, मिट जाएंगे हर तरह के कष्ट
  • आत्मबल की वृद्धि के लिए सूर्य को मजबूत करना आवश्यक है। ऐसे में प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार करते हुए सूर्य को जल चढ़ाना लाभ देता है।

जयपुर

जीवन को सफल बनाने के लिए आत्मविश्वास एवं उच्च मनोबल का होना जरूरी होता है। जिस मनुष्य में आत्मबल होता है, वह सभी तरह के कष्ट, विपत्ति तथा शत्रुओं का सामना करके उन पर विजय हासिल कर सकता है। वही दूसरी तरफ आत्मविश्वास की कमी से मानसिक अस्थिरता जैसी स्थितियां उत्पन्न होने लगती हैं। 


समझें ग्रहों का चक्र और जिम्मेदारी 

जन्म कुंडली में स्थित चन्द्रमा, सूर्य, मंगल और बुध ग्रहों का संबंध आत्मविश्वास एवं आत्मबल से होता है। जिन जातकों में ये चारों ग्रह शुभ स्थिति में, उच्च अथवा शुभ ग्रहों से दृष्ट होते हैं, उनमें आत्मविश्वास के साथ-साथ सोच-विचार एवं शीघ्र निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता होती है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रह, मन, भावना, विचारधारा आदि का कारक होने से मन की आंतरिक शक्ति को नियंत्रित करता है। 


वहीं सूर्य आत्मा, इच्छा शक्ति एवं ऊर्जा का कारक है तो मंगल को शारीरिक एवं आत्मिक बल का कारक माना गया है। बुध ग्रह तो वैसे ही संकल्प शक्ति और दृढ़ संकल्प उत्पन्न करने में सक्रिय भूमिका निभाता है। बुध के अशुभ होने पर मनुष्य के प्रयास तिनके की तरह हवा में उड़ जाते हैं। 


कुंडली में सूर्य, चंद्र, मंगल या बुध नीच के हों या कुंडली के छठे, आठवें या बारहवें भाव में बैठे हों तो अपनी अशुभ स्थिति के कारण इन ग्रहों का नकारात्मक और अशुभ प्रभाव जातक पर पड़ता है। इन ग्रहों की महादशा या अन्तर्दशा आने पर भी जातक का जीवन प्रभावित होता है। जातक में मानसिक अस्थिरता, अशांति, तनाव, नकारात्मक सोच, आत्मविश्वास में कमी से जीवन असफलताओं के जाल में उलझकर रह जाता है।


ऐसे प्रतिकूल ग्रह होने लगते हैं अनुकूल  

आत्मविश्वास एवं आत्मबल की वृद्धि के लिए सूर्य को मजबूत करना आवश्यक है। प्रात: उठकर सूर्य नमस्कार, सूर्य को तांबे के बर्तन से जल चढ़ाना तथा प्रात: उठकर अपने माता-पिता एवं बुजुर्गों के चरण स्पर्श करके उनकी सेवा करना सूर्य को मजबूत करने के आसान उपाय हैं। प्रत्येक रविवार को 'आदित्यहृदास्रोत' का पाठ करना भी लाभ देता है। चंद्रमा की मजबूती के लिए चांदी में मोती धारण करना, माता की सेवा करना और पूर्णमासी का व्रत रखना सही उपाय है। मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए हनुमान जी और बुध ग्रह की मजबूती के लिए गणेश जी एवं कार्तिकेय जी की आराधना करने तथा गौ माता को हरा चारा खिलाने से आत्मविश्वास में वृद्धि होने लगती है।


प्रस्तुति:  प्रमोद कुमार अग्रवाल

rajasthanpatrika.com

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