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Video : बदनसिंह ने कर्जा लेकर की थी बेटी और बेटे की शादी और एक दिन...

Patrika news network Posted: 2017-07-13 17:44:36 IST Updated: 2017-07-13 17:44:36 IST
  • उसके पास बार-बार बैंक से लोन को चुकाने के नोटिस आ रहे थे। नोटिसों से परेशान बदनसिंह बुधवार सुबह घर से अपनी पत्नी आशा की साड़ी लेकर निकला और खेत में जाकर फांसी के फंदे पर झूल गया।

खेरली. अलवर.

अलवर जिले के खेरली क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम खेरली रेल में बुधवार को बैंक के कर्ज तथा आर्थिक हालातों से जूझते एक किसान ने पेड़ पर साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान बैंक का ऋण नहीं चुकाने पर आए दिन आने वाले नोटिसों से परेशान था।


ग्राम खेरली रेल निवासी बदनसिंह राजपूत (52) पुत्र मुंशी सिंह राजपूत ने बुधवार सुबह करीब 5 बजे गांव के तलाई वाले हनुमान मंदिर के पास खेत में पेड़ पर साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।


ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया तथा मृतक को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर टै्रक्टर की सहायता से स्थानीय राजकीय रैफरल अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। इस संबंध मेंं मृतक के बड़े भाई राजवीर सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई।


थानाधिकारी नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्राथमिकी में राजवीर सिंह ने बताया कि उसके भाई बदनसिंह ने स्थानीय बैंक से लोन ले रखा था। उसके पास बार-बार बैंक से लोन को चुकाने के नोटिस आ रहे थे। नोटिसों से परेशान बदनसिंह बुधवार सुबह घर से अपनी पत्नी आशा की साड़ी लेकर निकला और खेत में जाकर फांसी के फंदे पर झूल गया।


पूर्व विधायक व ग्रामीणों ने की न्याय की मांग


बैंक लोन तथा फसल न होने के कारण परेशान किसान के आत्महत्या करने के प्रकरण में पूर्व विधायक रमेश खींची अस्पताल परिसर पहुंचे, जहां पर उन्होंने मृतक के परिजनों सहित ग्रामवासियों से घटना के बारे में जानकारी ली।


उन्होंने मौके पर उपस्थित उपखंड अधिकारी कठूमर उत्तमसिंह मदेरणा व कठूमर तहसीलदार हवासिंह से बातचीत कर मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री सहायता कोष से पांच लाख रुपए, एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा बैंक लोन को माफ कराने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने कलक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।


दो जून की रोटी का जुगाड़ मुश्किल


मृतक बदनसिंह के पड़ौसी मधुसूदन चौहान और पूर्व सरपंच गोपाल परेवा ने बताया कि बदनसिंह राजपूत के दो भाई राजवीर व कर्णसिंह दोनों अलग रहते हैं। बदनसिंह अपने वृद्ध पिता मुंशी सिंह के साथ रहता था। उसके दो बेटे प्रताप राजपूत व सुभाष राजपूत के अलावा एक बेटी रीना है।


बदनसिंह ने अपनी बेटी रीना की शादी करीब डेढ़ साल पहले लोगों से ब्याज पर पैसा लेकर की थी। करीब छह माह पूर्व छोटे बेटे सुभाष की शादी की थी। यह शादी भी उसने कर्ज लेकर की थी। इसके अलावा करीब आठ से दस साल पहले स्थानीय बैंक बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से लोन व केसीसी ले रखी थी। बैंक से लोन का चुकाने के लिए उसके पास बार-बार नोटिस आते रहते थे।


आए-दिन अनेक लोग उसके घर पर पैसे मांगने आते थे। बदन सिंह कृषि के साथ-साथ कृषि उपज मंडी में पल्लेदारी भी करता था। बदनसिंह की माली हालत इतनी कमजोर थी कि दो जून की रोटी का इंतजाम भी मुश्किल से ही हो पाता था। बुरी तरह कर्ज से घिरने तथा आए दिन लोगों के ताने सुनकर परेशान बदनसिंह ने आत्महत्या कर ली।


डॉ. मूलचंद राणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि किसान की मौत कर्ज में डूबने के कारण हुई है। किसान ने बैंक से ऋण ले रखा था और ग्रामीणों से भी ब्याज पर पैसा ले रखा था। कर्ज नहीं चुकने के कारण वह परेशान हो गया था।


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