Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

Video: जन्म से ही वह बोल नहीं सकती और सुन नहीं सकती, जिसके हौसले को हर कोई सलाम करेगा

Patrika news network Posted: 2017-06-17 08:07:20 IST Updated: 2017-06-17 08:07:20 IST
Video: जन्म से ही वह बोल नहीं सकती और सुन नहीं सकती, जिसके हौसले को हर कोई सलाम करेगा
  • संगीत के सात स्वर वो सुन नहीं सकती। हार्मोनियम, तबला, सुर, ताल, रिदम वो क्या जाने? जन्म से ही वह बोल नहीं सकती और सुन नहीं सकती। वह संगीत क्या सुना पाएगी? कहानी यहां समाप्त नहीं होती। यह नए भारत की बेटी है। यह अलवर की बेटी है जिसके हौसले को हर कोई सलाम करेगा।

अलवर.

 संगीत के सात स्वर वो सुन नहीं सकती। हार्मोनियम, तबला, सुर, ताल, रिदम वो क्या जाने? जन्म से ही वह बोल नहीं सकती और सुन नहीं सकती। वह संगीत क्या सुना पाएगी? कहानी यहां समाप्त नहीं होती। यह नए भारत की बेटी है।  यह अलवर की बेटी है जिसके हौसले को हर कोई सलाम करेगा। 


सोनम जैन संगीत की मिठास को मन से अनुभूत करती है और अपने हुनर से वह दूसरों को संगीत सागर में हिलोरें लेने का सुख देती है। प्राकृतिक कमतरी को चुनौती मानकर वह ऐसा कुछ कर रही है, जो शायद उनके जैसे दिव्यांगों सहित हम सबके लिए भी प्रेरणा है।


 सोनम हार्मोनियम बजाती है। सारेगामापा... जैसे सुरों के सहारे संगीत सरोवर में गहरे तक डुबकी लगाकर कई धुनें बजाती हैं। वह तबला भी इस गति और शिद्दत से बजाती है कि बड़े बड़े फनकार भी बोल उठें  कि वाह उस्ताद बिटिया वाह। वह नृत्य करती है तो सब देखते ही रह जाते हैं।


जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक बधिर संस्थान में बारहवीं में पढ़ रही सोनम इन दिनों घर पर संगीत का अभ्यास कर रही है। उसके हुनर को दिशा देने वाले गुरु भी साथ रहते हैं। वह सांकेतिक भाषा में बताती है कि संगीत एक अनुुभूति है, यह कानों तक पहुंचने से पहले मन तक पहुंचती है। 


इसके लिए कानों की जरूरत नहीं है बल्कि यह स्वाभाविक रूप से मन को झंकृत कर देता है। उनके जैसे बच्चे जब इसका आनंद लेंगे तो प्राकृतिक कमतरी को भूलकर कुछ रचनात्मक करने लग जाएंगे।


 सोनम की मां उर्मिला जैन पोस्ट ऑफिस की एजेंट है। वह बताती हैं कि मेरे दो बच्चे हैं बड़ा भाई निशांत है उसके बाद सोनम है। वह बचपन से ही बहुत होशियार है। जो भी वह एक बार देखती है उसे वह तुरंत ही समझ लेती है। बहुत सी जगह ईलाज करवाया बहुत पैसा खर्च किया लेकिन इलाज से भी कोई फायदा नहीं हुआ और सब कुछ भगवान पर छोड दिया। 


खेलों में भी है रूचि

सोनम को केवल संगीत में ही नहीं बल्कि खेलकूद सहित अन्य चीजों में भी महारत हासिल है। वह बैंक सेवा में जाने के लिए तैयारी कर रही है। वर्ष 2016 में भारतीय परंपरागत खेल स्पद्र्धा में उपविजेता रही थी। 


जूडो कराटे में भी बहुत सी प्रतियोगिताओं में विजेता रही है। कम्प्यूटर और नेट की इतनी जानकारी है कि अच्छे- अच्छे पीछे रह जाते हैं। इतना ही नहीं वो बाइक भी फर्राटे से चलाती है। इसके लिए बाइक में दोनों और लगे शीशे का सहारा लेती है।



प्रशिक्षक के लिए चुनौती

सोनम को संगीत की शिक्षा दे रहे  संगीत शिक्षक मातादीन ने बताया कि सोनम को संगीत सिखाना मेरे लिए चैलेंज था । इसे मैंने स्वीकार किया। आज वह मेरी सबसे अच्छी शिष्या है।

rajasthanpatrika.com

Bollywood