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Video : दूषित भोजन खाने से 100 से ज्यादा लोग बीमार, तादाद बढऩे पर हरकत में आया चिकित्सा विभाग

Patrika news network Posted: 2017-06-19 17:29:37 IST Updated: 2017-06-19 17:29:37 IST
  • धीरे-धीरे मरीजों की तादाद बढऩे पर चिकित्सा प्रशासन हरकत में आया। चिकित्सा टीम ने घर घर जाकर मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया। खंड मुख्य चिकित्साधिकारी ने शादी समारोह वाले घर से खाने का सैंपल लिया।

खेरली. अलवर.

जिले के खेरली कस्बे के निकटवर्ती गांव रामपुरा में शनिवार को शादी समारोह के दौरान दूषित भोजन खाने से 105 से अधिक लोग बीमार हो गए। बीमार लोगों का सिलसिला रविवार सुबह तक जारी रहा।


दो महिलाओं को अलवर के लिए भी रैफर किया गया। जबकि अन्य को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। जांच दल का कहना है कि दाल की चंदिया खाने से 105 महिला, पुरुष और बच्चे बीमार हो गए हैं।


गांव रामपुरा में रोशन लाल मीना के बेटे की शादी में शनिवार को ग्राम के लोगों का सामूहिक भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दावत का आयोजन सुबह 10 बजे किया हुआ। जो कि शाम 4 बजे तक चली। सामूहिक भोज में खाना खाने आए ग्रामीणों को देर रात्रि उल्टी व दस्त की समस्या होने लगी। जिस पर रात्रि करीब 9.30 बजे ग्रामीण खेरली के राजकीय रैफरल अस्पताल में आने लगे।

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धीरे-धीरे मरीजों की तादाद बढऩे पर चिकित्सा प्रशासन हरकत में आया। रात्रि करीब दस बजे खंड मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जितेन्द्र बुन्देल के नेतृत्व में डॉ. हीरेन्द्र शर्मा, डॉ. रामावतार बंसल, डॉ. अशोक सैनी, मेल नर्स लक्ष्मीकांत, पूरन सैनी, धन्नालाल व सीमा सहित निजी नर्सिंग होम के कृष्णकुमार धाकड़, रामरतन सैनी आदि ग्राम रामपुरा पहुंचे।


चिकित्सा टीम ने घर घर जाकर मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया। खंड मुख्य चिकित्साधिकारी ने शादी समारोह वाले घर से खाने का सैंपल लिया। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी जांच के आधार पर दाल की चंदिया खाने से लोगों को उल्टी व दस्त की समस्या होने लगी है। स्थानीय अस्पताल परिसर में करीब 70 मरीजों की जांच की गई।


इसके अलावा रविवार सुबह तक मरीजों का तांता लगा रहा। सुबह 10 बजे तक करीब 105 मरीजों की जांच कर दवाइयां दी गई। इनमें से दो महिलाओं को अलवर रैफर किया गया था। दोनों की हालात ठीक है। वो गर्भवती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से दोनों को रैफर किया गया था।


ये हुए बिमार


विषाक्त भोजन का सेवन करने से ग्राम रामपुरा निवासी मिनाक्षी, पूनम, रूकमणी, बलराम, मोती, फूला, रूपसिंह, दिनेश, संजय, कस्तूरी, रामसहाय, निशा, आशा, गिर्राज, सुनील, सुरेश, मनीराम, रामलाल व नीलम सहित करीब सैंकडों की तादाद में पुरूष, महिला व बच्चों को उल्टी व दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीसीएमएचओ ने बताया कि इस दौरान एक ग्रामीण महिला जो कि गर्भवती थी। उसे रैफर किया गया, लेकिन उसके परिजन अस्पताल में ही प्राथमिकी उपचार करा घर ले गए।


एम्बुलेंस की कमी खली


विषाक्त भोजन का सेवन करने से ग्रामीणों की तबीयत खराब होने पर स्थानीय चिकित्सा प्रशासन ने अस्पताल की बेस 108 की सहायता से मरीजों को ग्राम से लाने के लिए फोन किया तो 108 के चालक ने अपनी ड्यूटी सुबह आठ से शाम आठ बजे तक बताकर आने से मना कर दिया। वहीं, सरकारी एम्बूलेंस पिछले दस माह से खराब पड़ी हुई है। जिस पर तत्काल कठूमर पीएचसी से बेस एम्बुलेंस को बुलाकर तथा ग्राम रामपुरा से ट्रेक्टरों की सहायता से मरीजों को अस्पताल लाया गया।


सहायता राशि देने की अफवाह से बढ़े मरीज


बीसीएमएचओ ने बताया कि रविवार सुबह अस्पताल परिसर में किसी ने मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने पर राज्य सरकार द्वारा 25 हजार रुपए की सहायता राशि देने की अफवाह फैला दी। इस पर अस्पताल में मरीजों की भरमार बढऩे लगी। जिन मरीजों का रात्रि में इलाज कर दिया गया, वो मरीज 25 हजार रुपए के लालच में दोबारा बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती होने लगे। जिन्हें बाद में समझाकर वापस भेजा गया।


खाद्य पदार्थ के लिए गए सैम्पल


डॉ. एसएस अग्रवाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अलवर ने बताया कि जैसे ही मामले की सूचना मिली तुरंत मौके पर डॉक्टरों की टीम भेज दी गई थी। पूरे गांव का सर्वे किया गया है। खाद्य पदार्थ के भी सैम्पल लिये गए हैं। लेकिन दालके खाने से लोगों के बीमार होने की सूचना है। क्योंकि यह गर्मी के समय खराब हो जाती है।

rajasthanpatrika.com

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