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Video : हे ईश्वर, मेरे पापा सही सलामत मिल जाएं उन्हें कोई परेशानी ना हो

Patrika news network Posted: 2017-07-15 06:30:45 IST Updated: 2017-07-15 12:14:09 IST
  • रामेश्वर दयाल मीणा के मालवीय नगर स्थित निवास पर परिजनों की आंखो में उदासी साफ नजर आती है। हर कोई उनकी सलामती की भगवान से दुआ कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन, रिश्तेदार व अन्य लोग एसडीएम के घर पहुंचने लगे। रात तक यह क्रम जारी रहा।

अलवर.

बांसवाड़ा के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र में बागीदौरा एवं कुशलगढ़ के बीच ढेबरी गांव के पास शुक्रवार सुबह नाले की रपट पर तेज बहाव के बीच कुशलगढ़ एसडीएम के जीप सहित बह जाने की घटना ने पूरे परिवार को गम में डूबो दिया है।


अब तक उनकी खोज-खबर नहीं मिल पाने से पूरा परिवार बस टीवी पर टकटकी लगाए बैठा हुआ है। वहीं, परिजन बांसवाड़ा फोन पर सम्पर्क जानकारी लेते रहे। एसडीएम रामेश्वर दयाल मीणा का छोटा बेटा सोनू बस एक ही बात कह रहा है कि हे ईश्वर मेरे पापा सही सलामत मिल जाएं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो...। 


राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रामेश्वर दयाल मीणा  के मालवीय नगर स्थित निवास पर परिजनों की आंखो में उदासी साफ नजर आती है। हर कोई उनकी सलामती की भगवान से दुआ कर रहा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन, रिश्तेदार व अन्य लोग एसडीएम के घर पहुंचने लगे। रात तक यह क्रम जारी रहा।


हर आने-जाने वाला शख्स घर पर मौजूद परिजनों को ढांढस बंधाते हुए बस यही कहता रहा कि भगवान पर भरोसा रखो, सब ठीक होगा।  परिजनों ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे टीवी के माध्यम से सूचना मिली कि एसडीएम रामेश्वर दयाल मीणा बांसवाड़ा में हुई तेज बारिश के पानी के बहाव में बह गए हैं।


सूचना मिलते ही किसी कार्य से जयपुर गए उनके के पुत्र संदीप व बहन के लड़के नरेश ने वहां गांधी नगर पुलिस थाने में पहुंच बांसवाड़ा सम्पर्क किया, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। बाद में जयपुर में मौजूद बड़े पुत्र व बहन के लड़के के साथ कुछ अन्य परिजन वहीं से बांसवाड़ा के लिए रवाना हुए। रात तक परिजनों को रामेश्वर दयाल मीणा के बारे में कुछ पता नहीं चल सका।


घर में महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल  


घटना की सूचना मिलने के बाद से घर में महिलाओं का विलाप शुरू हो गया। बड़ी संख्या में परिजन व रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। घर में महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल था।


फरवरी में हुई ज्वाइनिंग


रामेश्वर दयाल 2013 में एसीबी में ट्रैप हुए थे। उसमें आरोप साबित नहीं होने पर फरवरी 2017 में उनको फिर से नौकरी पर ज्वाइंग दी गई। पहली पोस्टिंग बांसवाड़ा में मिली थी। उसके बाद से वहां कार्यरत थे। मीणा की सेवानिवृत्ति भी अगले साल है।


गांव भजेड़ा में भी छाया सन्नाटा : राजगढ़. रामेश्वर दयाल मीणा के पैतृक गांव ग्राम पंचायत भजेडा के ईन्दपुरा में घटना की सूचना मिलते ही सन्नाटा छा गया। मीणा के घर में परिजन दुखी मन से भगवान से अरदास करने लगे। ईन्दपुरा निवासी हजारी लाल मीना ने बताया कि रामेश्वर दयाल मीना पांच भाई-बहिनों में सबसे छोटे थे। वे बान्दीकुई महाविद्यालय में लेक्चरर रहे।


बाद में वे नादोती में तहसीलदार नियुक्त हुए। तहसीलदार से एसडीएम बनने के बाद वे सवाईमाधोपुर सहित अनेक स्थानों पर एसडीएम पद पर रहे। करीब छह माह पूर्व ही बांसवाडा के कुशलगढ़ में एसडीएम के पद पर निुयक्त हुए। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने के बाद उनका बडा भाई हरिकिशन मीना, भतीजा जयप्रकाश, सुभाष, केदार व उनके पुत्र संजय, संदीप कुशलगढ के लिए रवाना हो गए।


गुरुवार को ही छुट्टी खत्म कर लौटे थे


राजगढ़ के पास भजेड़ा गांव निवासी रामेश्वर दयाल मीणा परिवार के साथ अभी मालवीय नगर में रहते हैं। रामेश्वर के तीन बेटे हैं। वे बांसवाड़ा के कुशलगढ़ में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। कई माह में वो 10 जुलाई को छुटटी लेकर अलवर आए थे। 13 जुलाई को वो बांसवाड़ा गए थे। घटना वाले दिन शुक्रवार सुबह  7.30 बजे उनकी परिजनों से फोन पर बात हुई तो उन्होंने सकुशल पहुंचने की बात कही। उनके पुत्र ने बताया कि वे घर पर कुछ सामान छोड़कर चले गए थे। इसलिए ममेरे भाई ने सुबह 9 बजे उनको फोन किया था। उस समय एक बार घंटी जाने पर फोन बंद हो गया। कुछ देर बाद टीवी के जरिए तेज पानी के बहाव में बहने की सूचना मिली।


रात तक तलाश किया, निराशा लगी हाथ


एसडीएम के छोटे पुत्र सोनू ने बताया कि रात तक उनकी तलाश की गई, लेकिन कोई सूचना नहीं मिली है। रात होने के कारण तलाश कार्य बंद कर दिया गया। शनिवार को गुजरात से एनडीआरएफ की टीम की मदद से फिर से तलाश शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के समय रामेश्वर दयाल  अपने ड्राइवर के साथ गाड़ी से एक अंडर पास पार कर रहे थे। अचानक तेज पानी का बहाव आ गया और वे गाड़ी से बाहर निकल गए। इसी दौरान तेज पानी के बहाव में वे बह गए, बाद में उनका कुछ पता नहीं है।

rajasthanpatrika.com

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