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यहां पर दूसरे अधिकारी को नियुक्ति को दी, पर नहीं दिया जनता के काम करने का अधिकार

Patrika news network Posted: 2017-07-15 10:40:38 IST Updated: 2017-07-15 10:40:38 IST
यहां पर दूसरे अधिकारी को नियुक्ति को दी, पर नहीं दिया जनता के काम करने का अधिकार
  • यहां पर अधिकारी के सेवानिवृत होने के बाद किसी दूसरे अधिकारी को नियुक्ति तो दे दी गई लेकिन उसको जनता के काम करने का अधिकार नहीं दिया गया। जिसकी वजह से यहां आवश्यक काम के लिए आ रहे लोग बेवजह परेशान हो रहे हैं।

अलवर.

किसी कार्यालय में अधिकारी के स्थानांतरण हो जाने या फिर अवकाश पर चले जाने पर किसी अन्य अधिकारी को उसका पद भार सौंपा जाता है, जिससे सरकारी कामकाज भी चलता रहे और जनता के काम भी होते रहते हैं। अलवर के महल चौक स्थित सहकारी समितियां कार्यालय में एेसा नहीं है।


यहां पर अधिकारी के सेवानिवृत होने के बाद किसी दूसरे अधिकारी को नियुक्ति तो दे दी गई लेकिन उसको जनता के काम करने का अधिकार नहीं दिया गया। जिसकी वजह से यहां आवश्यक काम के लिए आ रहे लोग बेवजह परेशान हो रहे हैं।


भारत सरकार की ओर से वर्तमान में पद स्थापित उपरजिस्ट्रार को सहकारी अधिनियम और संस्था अधिनिमय में काम करने की शक्तियां नहीं दी गई है। जिसकी वजह से यहां पर आमजन का कोई काम नहीं हो पा रहा है।


सेवानिवृति के लिए एक दिन का अधिकारी


दरअसल एक माह पूर्व यहां पर एक उपरजिस्ट्रार की नियुक्ति की गई थी, जो मात्र एक दिन के लिए यहां पद स्थापित हुए और इसके बाद सेवानिवृत हो गए। पदस्थापित होने पर एक दिन के लिए उनको सभी शक्तियां दी गई। लेकिन उनके सेवानिवृत होने पर किसी दूसरे अधिकारी को अभी तक अधिनियम की शक्तियां नहीं दी गई।


वर्तमान में यहां पद स्थापित उपरजिस्ट्रार को प्रशासनिक व वित्तीय कार्य करने की शक्ति दी गई है। जिसमें वो  केवल बिल बनाने, बैठक लेने, उच्च अधिकारियों की बैठक में शामिल होने का ही काम कर पा रहे हैं।


दस हजार संस्थाएं है पंजीकृत


महल चौक स्थित सहकारी समितियां कार्यालय में अलवर जिले की करीब 10,000 संस्थाएं व समितियां पंजीकृत हैं। अधिनियम की शक्तियां नहीं होने से नई व पुरानी संस्थाओं के काम अटके हुए हैं।  इन दिनों नई संस्थाओं का पंजीयन कराने के लिए जिले भर से लोग आ रहे हैं। पुरानी संस्थाएं जो पहले बन चुकी है उनका अनुमोदन भी नहीं हो पा रहा है।


फाइलों का ढेऱ


कार्यालय में इन दिनों फाइलों का ढेर लगा हुआ है, किसी संस्था को बैंक में खाता खुलवाना हो या फिर आयकर के लिए टीएएन नंबर लेना हो , इसके लिए उपरजिस्ट्रार की सहमति जरूरी है। अधिकारी के पास अधिकार नहीं होने से संस्थाएं अपने कोई काम नहीं कर पा रही है। यहां आने पर लोगों का पैसा, श्रम व समय दोनों ही खराब हो रहा है।


सरकार को सूचना दी है


राजेंद्र प्रसाद यादव उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां अलवर ने बताया कि  मुझे यहां पर कार्यवाहक का भार दिया गया है, लेकिन संस्था अधिनिमय व समिति अधिनियम की शक्तियां अभी नहीं मिल पाई है। इसके लिए  सरकार को लिखा गया है। जब तक अधिनियम की शक्तियां नहीं मिलेगी, मैं इनसे जुडे़ कोई काम नहीं कर पांऊगा।


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