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आप भी चला रहे हैं गाड़ी तो जरा संभलकर- तेज गति न बन जाए हादसों की वजह

Patrika news network Posted: 2017-06-20 13:35:18 IST Updated: 2017-06-20 13:35:18 IST
आप भी चला रहे हैं गाड़ी तो जरा संभलकर- तेज गति न बन जाए हादसों की वजह
  • शहरभर के कई प्रमुख मार्गों पर तीन से चार किलोमीटर के दायरे में एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है। इस कारण वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार बेलगाम होती जा रही है। इन मार्गों से अधिकांश वाहन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रोड से गुजरते हैं।

अजमेर.

शहरभर के कई प्रमुख मार्गों पर तीन से चार किलोमीटर के दायरे में एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है। इस कारण वहां से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार बेलगाम होती जा रही है। इन मार्गों से अधिकांश वाहन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रोड से गुजरते हैं। शहरवासियों का कहना है कि प्रमुख व्यस्ततम मार्गों पर गति अवरोधक होने चाहिए।

यह हैं प्रमुख व्यस्ततम मार्ग

जयपुर रोड, ओल्ड आरपीएससी तिराहा, कचहरी रोड, सावित्री चौराहा, आदर्श नगर रोड, भजनगंज रोड आदि व्यस्त मार्गों पर स्पीड ब्रेकरों की दरकार है। ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहन एक दूसरे को ओवरटेक करने की कोशिश में रहते हैं, एेसी स्थिति में आसपास की कॉलोनियों से निकलने वाले वाहनों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है ।

तेज गति से गुजरता है यातायात

जयपुर रोड पर सोफिया स्कूल, बस अडडा, सैशन कोर्ट जैसे भीड़भाड़ वाली संस्थाएं हैं। यहां लोगों की आवाजाही ज्यादा रहती है। इसी प्रकार नसीराबाद रोड पर नौ नम्बर पेट्रोल पंप तिराहा एवं मार्टिंडल ब्रिज के पास कॉन्वेंट स्कूल, सेंट पॉल स्कूल आदि संस्थान हैं। इन संस्थाओं के सामने से तेज गति से वाहन गुजरते हैंं।

इसलिए एक्सीडेंटल जोन में तब्दील होती सड़कें

सात पीपली बालाजी आदर्श नगर, सावित्री चौराहा, गुजराती स्कूल व आस पास के क्षेत्रवासियों ने बताया कि इन मार्गों से एक दिन में सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। वाहनों की रफ्तार तेज होने की वजह से हर 2 दिन में तीन से चार दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पिछले 20-25 वर्षों में इस मार्ग पर जो इक्के-दुक्के स्पीड ब्रेकर थे, अब वह भी नहीं बचे हैं। 


इसी तरह परबतपुरा बाइपास स्थित डीएवी शताब्दी स्कूल से अलवर गेट स्थित सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल तक 4 से 5 किलोमीटर के दायरे में एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है। ब्रेकर के अभाव के चलते वहां से गुजरने वाले सभी वाहनों की रफ्तार बेलगाम होती जा रही है। अधिकांश वाहन 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आदर्शनगर रोड से गुजरते हैं जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। एक्सीडेंटल जोन में तब्दील बाइपास रोड

सात पीपली बालाजी के आस पास के क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस मार्ग से किशनगढ़, कोटा,बूंदी आदि मार्गों पर जाने वाले लगभग 250 से 300 वाहन रोज गुजरते हैं। वाहनों की रफ्तार तेज होने की वजह से हर 2 दिन में तीन से चार दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अब इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं बचे हैं।

आवासीय क्षेत्र में समस्या अधिक

परबतपुरा बाइपास पर लगभग 20 से 30 कॉलोनियां हैं जिन्हें शहर की ओर जाते समय उस रास्ते से गुजरना पड़ता है। बाइपास पर सात पीपली बालाजी मंदिर भी स्थित है जहां हर मंगलवार व शनिवार श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है लेकिन स्पीड ब्रेकर न होने की वजह से आए दिन श्रद्धालुओं को दुर्घटना का सामना करना पड़ता है। इस रोड पर लगभग 4 से 5 बैंक व समारोह स्थल भी हैं। इस कारण आवाजाही भी अधिक रहती है।

इनका कहना है

वाहन इतनी तेज गति से गुजरते हैं कि अगर सामने कोई अन्य वाहन आ जाए तो दुर्घटना होना लगभग तय है। हर 2 दिन में इस रोड पर एक्सीडेंट होते रहते हैं। अधिकांश दुर्घटना यू टर्न लेते समय होती है ।गिरीश शर्मा, क्षेत्रीय दुकानदार, नगरा

बिहारी गंज जाने वाले लोगों को समस्या अधिक है। लोग गलियों से बाहर आते समय दुर्घटना का शिकार होते हैं क्योंकि स्पीड ब्रेकर नहीं होने की वजह से वाहन तेज गति में यहां से गुजरते हैं।राजेश गौरव,क्षेत्रवासी

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-आवश्यकता से अधिक होने के कारण आमजन परेशान, आए दिन पेट्रोल टैंक और इंजन को हानिअजमेर. आशागंज मार्ग से अजयनगर के बीच बने लगभग 20 से 22 स्पीड ब्रेकर वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। कुछ ब्रेकर इतने ऊंचे हैं कि कार व गाडिय़ों के इंजन को नुकसान पहुंचता है वहीं दुपहिया वाहन पर पीछे बैठी सवारी के उछलकर गिरने का डर रहता है। 


ये ही नहीं, अजयनगर से आशागंज जाने वाले मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों में बुजुर्ग भी शामिल होते हैं जिन्हें आए दिन इन स्पीड ब्रेकर की वजह से अस्थि रोग की शिकायत बनी रहती है। आसपास क्षेत्र के उम्रदराज लोगों का कहना है कि एक साथ 20 से 22 स्पीड ब्रेकर को पार करना खासा मशक्कत का काम है। कमर में दर्द की संभावनाएं तो बन ही रही हैं, साथ ही अधिकांश स्पीड ब्रेकर पर सफेद रंग की पट्टी भी नहीं लगी हुई है।

स्पीड ब्रेकर ने बना दिया हादसे का पॉइंट

ईसाई मोहल्ला, अजयनगर व रेलवे कॉलोनी चौराहे पर बने स्पीड ब्रेकर से वाहन चालक परेशान हैं। ब्रेकर इतना ऊंचा है कि इससे टकराकर आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते हैं और कार जैसी बड़े गाडिय़ों के पेट्रोल टैंक व इंजन आए दिन इससे टकराकर क्षतिग्रस्त होते हैं। 


चिंताजनक बात तो यह है कि यह सड़क अजयनगर, चंदवरदाईनगर, तारागढ़, राधा स्वामी सत्संग भवन, साई बाबा मंदिर आदि कई जगहों पर जाने वाला मुख्य मार्ग है और 24 घंटे में इस ब्रेकर से सैकड़ों वाहन गुजरते हैं जिससे प्रतिदिन इस स्पीड ब्रेकर पर 3 से 4 वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।सड़क निर्माण के नाम पर पेचवर्कक्षेत्रवासियों ने बताया कि अजयनगर की ओर जाने वाली सड़क पिछले 5-6 वर्षों से खस्ता हालत में है। इस पर जगह-जगह गड्ढे हैं। सड़क पर स्ट्रीट लाइट का भी अभाव है जिससे रात के समय वाहन चालकों को खासा परेशानी हो रही है।


 दो वर्ष पूर्व अजयनगर की ओर जाने वाली इस सड़क पर पेचवर्क का कार्य किया गया था जिसे निर्माण का नाम दे दिया गया। जहां-जहां गड्ढे थे उसे डामर से भर दिया गया, जो अगली ही बारिश में फिर से खुल गए।ब्रेकर से कमर दर्दअजयनगर की ओर जाने वाली इस नई सड़क को बने हुए पांच साल हुए हैं तभी से ब्रेकर भी बने हैं। करीब 20-22 ब्रेकर हैं, इनकी वजह से हमेशा कमर में दर्द रहता है।-हरि सिंह, क्षेत्रवासीस्पीड ब्रेकर पिछले 5 साल से दुर्घटना स्थल बने हुए हैं। एक दिन में लगभग 2 से 3 वाहन चालक यहां चोटिल होते हैं।-पवित्र केन, क्षेत्रवासी

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