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सिर्फ एक pen drive ने कराई शर्मनाक करतूत, कुछ यूं सामने आया राज

Patrika news network Posted: 2017-06-17 03:48:27 IST Updated: 2017-06-17 03:48:27 IST
सिर्फ एक pen drive ने कराई शर्मनाक करतूत, कुछ यूं सामने आया राज
  • पुलिस लाइन में सिपाही के मकान में बाल अपचारी ने अंजाम दी चोरी की वारदात। पैन ड्राइव के रुपए मांगने पर पनपी दो दोस्तों के बीच ऐसी रंजिश जिसने बदल दी जिंदगी।

अजमेर।

पुलिस लाइन में सिपाही के क्वाट्र्स में चोरी की वारदात नादानी में पनपी रंजिश का सबब निकली। वारदात सिपाही के बेटे से पनपी रंजिश में उसके दोस्त ने अंजाम दे डाली। बाल अपचारी भी राजकीय रेलवे पुलिस में तैनात सिपाही का बेटा निकला। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बालअपचारी को उसको निरुद्ध कर चोरी की ज्वैलरी, स्कूटर बरामद कर लिया।

थानाप्रभारी करणसिंह खंगारोत ने बताया कि सिपाही दिनेशकुमार के पुलिस लाइन एमटी एरिया स्थित सरकारी क्वाट्र्स पी 12 में चोरी की वारदात अंजाम देने वाले बालअपचारी को शुक्रवार सुबह भोपों का बाड़ा क्षेत्र से निरुद्ध किया। 


पुलिस पूछताछ में पहले गुमराह करने के बाद किशोर ने सच उगल दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पुलिस लाइन स्थित खंडहर पड़े क्वाट्र्स से चोरी की ज्वैलरी, मोबाइल, सेट टॉप बॉक्स और अन्य सामान बरामद कर लिया, जबकि चोरी गए स्कूटर को लोहाखान इलाके से बरामद किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति अध्यक्ष के समक्ष पेश किया। जहां से उसको बाल सम्प्रेषण गृह भेज दिया।

पुलिस के लिए थी चुनौती

खंगारोत ने बताया कि पुलिस लाइन क्वाट्र्स में चोरी की घटना उनके लिए चुनौती बन चुकी थी। पुलिस ने जब क्वाट्र्स के आसपास की पड़ताल शुरू की तो कडिय़ा जुडऩे लगी। सिपाही दिनेश कुमार के पड़ोसियों से पूछताछ में सामने आया कि बालअपचारी को दो दिन पहले छत पर देखा गया था। पुलिस ने बालअपचारी को संदेह के आधार पर थाने लाकर पूछताछ की। पहले तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन पहचान उजागर करने की शर्त पर सारी वारदात उगल दी।

दो दिन तक उड़ाई मौज

खंगारोत ने बताया कि बालअपचारी ने सिपाही दिनेश कुमार के घर से चुराए स्कूटर पर दो दिन तक शाम को सैर-सपाटा किया लेकिन पेट्रोल खत्म होने के बाद उसने स्कूटर को लोहाखान इलाके में सर्वेश्वर नगर में बस के पीछे खड़ी कर दी। खास बात यह है कि बालअपचारी पुलिस की गतिविधि पर भी नजर बनाए हुए था। ज्यों ही पुलिस की हलचल बढ़ी उसने चोरी का माल बैग में डालकर पुलिस लाइन के खंहडर पड़े क्वार्टर में फेंक दिया। जिसे  पुलिस ने बरामद किया।

पड़ोसियों के लगाए कुन्दे

पुलिस पड़ताल में बाल अपचारी ने बताया कि उसने 12 जून को सुबह 4 बजे वारदात अंजाम दी। उसने चोरी करने से पहले पड़ोसी सिपाहियों के दरवाजे के बाहर के कुन्दे बंद कर दिए ताकि जाग होने पर कोई बाहर आने की कोशिश भी करे तो एकदम ना आ सके जबकि दिनेशकुमार के क्वार्टर में भीतर से कुन्दा लगाया। उसने आनन-फानन में क्वार्टर में जो हाथ आया सब समेट लिया। बाद में स्कूटी पर आराम से बाहर निकल गया।

पेन ड्राइव थी मुख्य जड़

वारदात की मुख्य जड़ पेन ड्राइव थी। सिपाही दिनेश कुमार का बेटा अमन और बालअपचारी कभी दोस्त थे। उनमें पेन ड्राइव को लेन-देन को लेकर झगड़ा पनपा। बाल अपचारी ने अमन की मां से पेन ड्राइव के बदले 100 रुपए ले लिए। यह बात अमन को नागवार गुजरी तो उसने स्कूली दोस्तों की मदद से उसकी पिटाई लगा दी। बालअपचारी ने अमन की साइकिल तोड़ दी। अमन और उसके दोस्तों ने फिर जमकर ठोका लेकिन इस बार उसनेअमन का बड़ा नुकसान करने का इरादा कर लिया। उसने अमन और उसके परिजन के गांव की बात सामने आते ही चोरी की वारदात अंजाम देने का षडय़ंत्र रच डाला। 

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