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जीएसटी: सेवाओं के लिए चार स्लैब तय, जानिए किस पर कितना लगेगा टैक्स

Patrika news network Posted: 2017-05-19 18:05:20 IST Updated: 2017-05-19 18:13:10 IST
जीएसटी: सेवाओं के लिए चार स्लैब तय, जानिए किस पर कितना लगेगा टैक्स
  • वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने सेवाओं के लिए कर के चार स्लैब तय करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य को इससे बाहर रखा है।

श्रीनगर।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने सेवाओं के लिए कर के चार स्लैब तय करते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य को इससे बाहर रखा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने परिषद की दो दिवसीय बैठक के समापन के बाद यहां संवाददाताओं को बताया कि जीएसटी के तहत सेवा कर के लिए चार दरें तय की गयी हैं जो क्रमश: 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। 


उन्होंने कहा कि सोने पर जीएसटी कर दर तय नहीं हो पाई है और परिषद की 3 जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। 


उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य समेत लगभग उन सभी क्षेत्रों को जीएसटी से बाहर रखा गया है जिन पर अभी सेवा कर नहीं लगता है। परिवहन सेवाओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। बीमा, होटल और रेस्त्रां की सेवाओं पर भी सेवा कर लेगा। रेस्त्राओं पर सेवा कर की दर पांच से 18 प्रतिशत तय की गई है। 


टेलीकॉम और वित्तीय सेवाओं पर 18 प्रतिशत कर लेगा। एप आधारित टैक्सी एग्रिगेटर श्रेणी में ओला और उबर जैसे सेवा प्रदाताओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। उन्होंने कहा कि 50 लाख रुपए या इससे कम के कारोबार करने वाले रेस्त्रां पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जबकि बिना एसी वाले रेस्त्रां के लिए यह 12 प्रतिशत होगा। एसी रेस्त्रां में यह 18 फीसदी लगेगा। 


विमान यात्रियों को इकोनॉमी क्लास में सफर के लिए 5 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ेगा जबकि बिजनेस क्लास के लिए यह 12 प्रतिशत होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि एक हजार रुपए किराये वाले होटलों को जीएसटी से बाहर रख गया है जबकि एक हजार से 2,500 रुपए किराये वाले होटलों पर कर की दर 12 फीसदी तथा ढाई हजार से पांच हजार वाले होटलों के लिए यह 18 फीसदी होगी। 5 सितारा होटलों के लिए यह दर 28 फीसदी होगी। रेस क्लब, जुआ और सिनेमा घरों के लिए 28 फीसदी जीएसटी तय किया गया है। 


नहीं बढ़ेगी महंगाई 

जेटली ने कहा कि नए कर से महंगाई नहीं बढ़ेगी क्योंकि सरकार ने अधिकांश खाद्य पदार्थों को जीएसटी से बाहार रखा है। उपभेाक्ता मूल्य सूचकांक में इन उत्पादों का भरांश 50 फीसदी है। उन्होंने कहा कि जो राज्य जीएसटी लागू नहीं करेंगे वहां के लोगों को नुकसान उठाना होगा और दुगुना कर चुकाना होगा। जीएसटी से आम लोगों को ही लाभ होगा। 


गौरतलब है कि परिषद ने गुरुवार को 1,211 वस्तुओं की जीएसटी दरें तय की थी जिसमें 81 प्रतिशत वस्तुओं पर जीएसटी दर 18 फीसदी से कम है। मात्र 19 फीसदी पर ही 18 फीसदी से अधिक है।


 कोयले पर जीएसटी दर 5 फीसदी तय की गई है जबकि वर्तमान में यह 11.69 प्रतिशत है। इसी तरह से चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। 60 फीसदी वस्तुओं पर 12 से 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। केश तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत है। अनाजों को जीएसटी कर से अलग रखा गया है जबकि अभी इस पर 5 प्रतिशत कर है। दूध को भी जीएसटी कर से मुक्त रखा गया है।

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