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Video : बाड़मेर में जीएसटी पर व्यापारियों ने कहा- यहां तो नेटवर्क भी नहीं मिलता, आखिर कैसे होगा काम

Patrika news network Posted: 2017-06-19 21:31:32 IST Updated: 2017-06-19 21:31:32 IST
  • राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित जीएसटी पर सेमिनार में व्यापारियों ने रखी अपनी बात। व्यापारियों ने कहा कि नेटवर्क ही नहीं मिलता है तो फिर विकल्प देना चाहिए।

बाड़मेर.

कुछ ही दिनों में देश का सबसे बड़ा टैक्स यानि जीएसटी लागू होने जा रहा है। 'वन नेशन, वन टैक्स, वन मार्केट' पर आधारित जीएसटी 1 जुलाई से पूरे देश में लागू किया जाना है। उधर, जीएसटी को लेकर व्यापारियों के मन में भी कई प्रश्न उठ रहे हैं। व्यापारियों का मुख्य रूप से कहना है कि जीएसटी पूर्ण रूप से ऑनलाइन रहेगा, लेकिन अगर बाड़मेर में इंटरनेट की स्थिति को देखा जाए तो वो दिनों-दिन सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है। ऐसे में जीएसटी बाड़मेर में सुचारू रूप से किस प्रकार से चलेगा? व्यापारियों के ऐसे ही प्रश्नों को लेकर सोमवार को राजस्थान पत्रिका, लघु उद्योग भारती, मंडी प्रशासन और मंडी व्यापार संघ के संयुक्त तत्वावधान में कृषि उपज मंडी के सभागार में जीएसटी पर चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जहां व्यापारियों ने जीएसटी को लेकर उनके मन की उठ रही शंकाओं को रखा तो सीटीओ भारत सिंह शेखावत और एसीटीओ नितिन तिवाड़ी ने भी व्यापारियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। कार्यक्रम में मंडी के अतिरिक्त निदेशक झब्बर सिंह, लघु उद्योग भारती के कैलाश कोटडिया, रमेश पारख सहित यहां मौजूद सभी व्यापारियों ने अपनी बात रखी।

सैंकडरी माइग्रेशन में बाड़मेर की स्थिति खराब : शेखावत

चर्चा में भाग लेते हुए सीटीओ भारतसिंह शेखावत ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को काफी सुविधा ही मिलेगी। जीएसटी में सारा कंट्रोल जीएसटी काउंसिल के हाथ में इसलिए वहां जो निर्णय होगा तो वो सारे व्यापारियों के लिए समान होगा। इससे व्यापारियों को लाभ ही होगा। पूरा भारत एक मार्केट होगा और पूरी पारदर्शिता रहेगी। साथ ही उन्होंने चर्चा के दौरान यह बात भी रखी कि पूरे राजस्थान में बाड़मेर की स्थिति सैंकडरी माइग्रेशन करवाने में सबसे खराब है। अब तक केवल 400 लोगों ही सैंकडरी माइग्रेशन कराया है।



जीएसटी को लेकर व्यापारी शोर नहीं करे, बल्कि सकारात्मकता देखे : तिवाड़ी

एसीटीओ नितिन तिवाड़ी ने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी को लेकर हल्ला नहीं मचाना चाहिए। बल्कि जीएसटी में सकारात्मकता देखे और अपने सुझाव दें, ताकि उन्हें मीडिया के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी से व्यापार में पारदर्शित ही आएगी। इससे व्यापारियों को लाभ ही होगा। जीएसटी के बारे में पूरा पढऩा आवश्यक है।



जीएसटी के लिए इंटरनेट की व्यवस्था को पुख्ता हो: वडेरा

चर्चा में शामिल वरिष्ठ उद्यमी गौतम वडेरा ने कहा कि जीएसटी पूर्ण रूप से ऑनलाइन है, लेकिन बाड़मेर की स्थिति यह है कि यहां के गांवों में इंटरनेट तो चलता ही नहीं है। काम कैसे करेंगे। जीएसटी लागू करवाने से पहले सरकार को इंटरनेट की व्यवस्था तो पुख्ता करवानी चाहिए, ताकि गांव के लोगों को ऑनलाइन काम करने में कोई परेशानी तो नहीं हो। सरकार ऑनलाइन की वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए या फिर ऑफलाइन भी कार्य कर सके इसके लिए भी सरकार को कोई रास्ता निकालना चाहिए।


व्यापारी को जितना खुला छोड़ा जाएगा, वे बेहतर कार्य करेंगे : कोटडिया

चर्चा में शामिल कैलाश कोटडिया ने कहा कि व्यापारियों को जितना खुला छोड़ा जाएगा, वे उतना ही बेहतर कार्य करेंगे। कोटडिया ने कहा कि व्यापारी हमेशा से ही अपना काम-धंधा करके टैक्स चुकाने में भी पीछे नहीं रहता है, लेकिन जीएसटी लागू करने से परेशानी तो होगी। हम व्यापारी इसलिए अपना सैंकडरी माइगे्रशन करवाने में पिछड़ रहे है, क्योंकि हमें इंटरनेअ जैसी बैसिक सुविधा भी पूरी तरीके से मुहैया नहीं हो रही है।


व्यापारियों को व्यवस्था के हिसाब से चलना होगा: बोथरा

चर्चा में शामिल सीए कपिल बोथरा ने कहा की जीएसटी लागू होने से व्यापारियों को एक बार तो काफी परेशानी होगी, लेकिन व्यापारियों को धीरे-धीरे इस पूरी प्रक्रिया को अपनाना ही पड़ेगा। टैक्स सरकार की ओर से लागू किया जाना है। इसलिए इसे रोका तो किसी भी तरह नहीं जा सकता, लेकिन इतना जरूर हो सकता है कि सरकार तक व्यापारियों की बात पहुंचे, ताकि सरकार व्यापारियों की सुनकर कुछ राहत दे सके। 

rajasthanpatrika.com

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