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Search Results : motivational story

16 साल बंदूक रखी संग तो आर्मी से आए मेडल, फिर कलम उठाई तो वर्ल्ड रिकॉर्ड से किया शेखावटी का सिर ऊंचा

शेखावाटी के झुंझुनूं जिले के खिरोड़ गांव में पैदा हुआ दशरथ बंदूक के बाद बना कलम का सिपाही, करोड़ों फौजियों के नाम कीर्तिमान। 16 साल सरहद पर गुजारीं, मैडलों से भर गया है कमरा। अपने बीते 33 साल में 19 अकेडमिक डिग्रीयां हासिल की। जिसमें 6 सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन, 7 सब्जेक्ट में मास्टर्स, नेट, पीएचडी आदि शामिल हैं। और लाइफ स्टोरी है हटकर के...

नियती क्रूर हुई, फिर बेटी से दरिन्दगी, दुष्कर्मी की सन्तान ही सही अब दोहित्री को बनाऊंगी कलक्टर

नन्हीं सी बेटी ने दुष्कर्मी की सन्तान के रूप में दोहित्री को गोद में क्या दिया, हौसले से भर उठी। प्रण किया, मेरा और मेरी बेटी का जीवन तबाह हुआ, अब दोहित्री का नहीं होने दूंगी। इसे कलक्टर बनाऊंगी।

हर व्यक्ति को दिया है ईश्वर ने यह तोहफा, लेकिन कुछ भाग्यशाली ही समझ पाते हैं

उसे लगा कि किसी ने सिर्फ कागज का टुकड़ा उसके हाथ में थमा दिया है। यह सोचते हुए उसने नोट को खिन्न मन से कागज समझकर जमीन पर फेंक दिया।

वह शख्स प्रार्थना में भगवान से मांगता था ऐसी चीज जो आज तक किसी ने नहीं मांगी!

इस जिंदगी के विरोधाभास को जो समझ लेगा, उसने जीवन का सारा राज समझ लिया। दुख चुनौती है, विकास का अवसर है। यह अनिवार्य है। इसके बिना तुम जागोगे नहीं। कौन जगाएगा तुम्हें?

कलियुग में जिस इन्सान को नहीं दिखाई देता भगवान का ये वरदान, वह भोगता है दुख

भिखारी ने नोट को टटोलकर देखा और समझा कि किसी आदमी ने उसके साथ मजाक किया है क्योंकि आज से पहले किसी ने भी उसे इतना बड़ा नोट भीख में नहीं दिया था।

कलियुग में सज्जन हैं परेशान लेकिन पापी क्यों हैं सुखी? भगवान विष्णु ने बताया था यह कारण

धर्म पर चलने वालों को कोई अच्छा फल नहीं मिल रहा, जो पाप कर रहे हैं उनका भला हो रहा है देवर्षि नारद वैकुंठ धाम गए और श्रीहरि से कहा। प्रभु, बताइए यह कौन सा न्याय है?

उस साधु के पास थी ऐसी सिद्धि, कदम रखता तो पानी पर भी चल सकता था!

महात्माजी खड़े हुए और पानी की सतह पर चलते हुए लंबा चक्कर लगाकर वापस स्वामीजी के पास आ खड़े हुए। स्वामीजी ने आश्चर्यचकित होते हुए पूछा- महात्माजी, यह सिद्धि आपने कहां और कैसे पाई?

अपने भक्तों के दिल की हर बात जानते हैं साईं बाबा, यह सच्ची घटना पढ़कर हर कोई करेगा इन्हें प्रणाम

साईं बाबा सिर्फ सिद्धपुरुष ही नहीं, वे अपने भक्तों के साथ हृदय से जुड़े हुए हैं और इसीलिए वे उनके तन, मन और जीवन की सब बातें जानते हैं।

गुस्से से बिगड़ जाते हैं आपके काम तो आजमाएं यह गुरुमंत्र, दिमाग रहेगा शांत, सदा मिलेगी सफलता

अगर आप गुस्सा नहीं करेंगे तो आपको गुस्सा कभी नहीं आ सकता। क्रोध ही सभी झगड़ों की जड़ रहा है। क्रोध पर नियंत्रण करके ही सुकून पाया जा सकता है।

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