पंढरपुर. सनातन संस्कृति में देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा है। वास्तव में सभी देवता परमात्मा की विशेष शक्ति का एक प्रतीक हैं। इनका पूजन भगवान का ही पूजन है। भारत भूमि में भगवान ने कई अवतार लिए हैं। राम, कृष्ण आदि अवतारों के अलावा लोकदेवाओं के रूप में भी भगवान का प्राकट्य हुआ है।



अगली स्लाइड्स में पढ़िए, उस मंदिर की कथा जहां कृष्ण के साथ होती है रुक्मिणी की पूजा 



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