हर वस्तु में ईश्वर का वास होता है और इसी के चलते भारत का एक मंदिर ऐसा भी है जहां प्रसाद के रूप में भक्तों को पत्ते दिए जाते है। माता का एक ऐसा ही एक शक्तिपीठ है सुरकंडा। सुरकंडा मंदिर देवी के 52 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर ऋषिकेश से वाया चम्बा करीब 80 किमी का सफर तय करने के बाद कद्दूखाल के नजदीक है। कद्दूखाल से यह मंदिर 2 किमी का पैदल सफर कर मंदिर तक पहुंचा जाता है। 

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