जयपुर. भगवान शिव ने जगत के उद्धार के लिए अनेक असुरों का वध किया था। शिव की तरह ही कार्तिकेयजी ने भी असुरों का संहार कर सृष्टि का कल्याण किया। एक बार उन्होंने तारकासुर का वध किया तो उसके तीन बेटे तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली देवताओं से और भी ज्यादा शत्रुता रखने लगे।



अगली स्लाइड्स में पढ़िए, शिवजी और उनके अश्रुओं की एक दिव्य कथा



Astrology

  • मेष

  • वृषभ

  • मिथुन

  • कर्क

  • सिंह

  • कन्या

  • तुला

  • वृश्चिक

  • धनु

  • मकर

  • कुंभ

  • मीन

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें